विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को बताया कि भारत ने बाढ़ से प्रभावित नेपाल को मानवीय सहायता की पांचवीं खेप भेजी है। इस खेप को ले जा रहे विमान में 11 सदस्यों की बचाव टीम, खास उपकरण और 5.5 टन ज़रूरी दवाएं शामिल हैं।
यह ताज़ा मदद ऐसे समय में दी जा रही है जब नेपाल अचानक आई बाढ़ के भयानक असर से जूझ रहा है, जिसमें 1,127 लोगों की जान जा चुकी है। आपदा के एक हफ़्ते बाद भी हज़ारों लोग लापता हैं और बचाव टीमें प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान चला रही हैं।
पांचवां विमान नेपाल के लिए रवाना
जयशंकर ने कहा, “भारत का पांचवां विमान नेपाल के लिए रवाना हो गया है। इसमें 11 सदस्यों की बचाव टीम, खास उपकरण और 5.5 टन ज़रूरी दवाएं हैं।”
The fifth Indian aircraft has departed for Nepal.
It is carrying an 11-member rescue team with specialised equipment, and 5.5 tonnes of essential medicines.
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— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) September 2, 2026
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अब तक नेपाल को 68 टन से ज़्यादा राहत सामग्री पहुंचा चुका है। इसके अलावा, भारत ने डॉक्टर और पैरामेडिक्स के साथ-साथ खोज और बचाव कार्यों के लिए तकनीकी टीम भी भेजी है।
मदद का यह पैमाना और तेज़ी इस बात को दिखाती है कि जब कोई प्राकृतिक आपदा स्थानीय बचाव और राहत प्रणालियों पर भारी पड़ती है, तो तुरंत क्षेत्रीय सहयोग कितना ज़रूरी होता है।
मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,127 हुई
बुधवार को नेपाल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,127 हो गई, जबकि बचावकर्मी लापता हज़ारों लोगों का पता लगाने की कोशिश में जुटे रहे। नेपाल पुलिस के अनुसार, चितवन से 348, नवलपरासी पूर्व से 217, नवलपरासी पश्चिम से 190 और नुवाकोट से 155 और शव बरामद किए गए।
इसके अलावा गोरखा से 66, धाडिंग से 59, रसुवा से 45 और तनाहु से 38 शव बरामद किए गए।
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