Himachal Pradesh Monsoon: हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के साथ सड़क हादसों ने भी भारी तबाही मचाई है। 30 जून से 1 सितंबर के बीच प्रदेश में 259 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को 1,202.64 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के ताजा आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है।
आपदा में 106 लोगों की मौत
SEOC के आंकड़ों के अनुसार, 259 मौतों में से 106 मौतें बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी घटनाओं में हुई हैं। इनमें लैंडस्लाइड की घटनाओं में 18 लोगों की जान गई, जबकि डूबने से 13 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा लाहौल-स्पीति में मानसून से संबंधित आपदाओं में 15 लोगों की मौत दर्ज की गई है।
सड़क हादसे भी बने बड़ी वजह
मानसून के दौरान सड़क दुर्घटनाओं ने भी जानमाल का भारी नुकसान किया है। 30 जून से 1 सितंबर के बीच राज्य में 153 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई। यानी प्राकृतिक आपदाओं के साथ सड़क दुर्घटनाएं भी प्रदेश में मौतों का बड़ा कारण बनी हैं।
The monsoon death toll in Himachal Pradesh has risen to 259, while damage to public and private property has crossed Rs 1,200 crore during the 64-day period from June 30 to September 1, according to data released by the State Emergency Operations Centre (SEOC).
Of the 259…
— ANI (@ANI) September 2, 2026
PWD को सबसे ज्यादा आर्थिक चोट
लगातार बारिश और आपदाओं से हिमाचल में सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को कुल 1,202.64 करोड़ रुपये से ज्यादा की क्षति हुई है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग (PWD) को उठाना पड़ा है। सड़कों, पुलों और दूसरे बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने से PWD की 914 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति प्रभावित हुई है। वहीं, जल शक्ति विभाग को 258 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
मकान और पशु भी प्रभावित
मानसून की तबाही का असर लोगों के घरों और पशुधन पर भी पड़ा है। आपदा के कारण 460 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके साथ ही 460 पशुओं की भी मौत हुई है।
150 सड़कें अभी भी बंद
पिछले 24 घंटों में हुई बारिश के कारण प्रदेश में सड़क संपर्क और जरूरी सेवाओं पर असर पड़ा है। राज्य में फिलहाल 150 सड़कें बंद हैं। मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 78 सड़कें बंद हैं। इसके बाद शिमला में 30 सड़कें बाधित हैं।
374 DTR बंद
बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। प्रदेश में 374 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर रीजन (DTRs) फिलहाल बंद हैं। इनमें मंडी में 128, शिमला में 84 और कुल्लू में 81 DTR प्रभावित हैं।
40 पेयजल योजनाएं ठप
बारिश के कारण पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। राज्य में 40 जल आपूर्ति योजनाएं फिलहाल बाधित हैं। इनमें हमीरपुर की 23 और शिमला की 17 योजनाएं शामिल हैं।
बहाली के काम में जुटी एजेंसियां
प्रभावित जिलों में राज्य सरकार के विभाग और अलग-अलग फील्ड एजेंसियां राहत एवं बहाली कार्यों में लगी हुई हैं। बंद सड़कों को दोबारा खोलने के साथ बिजली और पानी की सेवाओं को जल्द बहाल करने की कोशिश की जा रही है।
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