आमतौर पर 18 साल की उम्र(18-year-old boy) वह होती है जब ज्यादातर युवा कॉलेज में दाखिला लेकर अपनी उच्च शिक्षा की शुरुआत करते हैं। लेकिन अमेरिका के फ्लोरिडा में रहने वाले नाथन थॉमस ने इस उम्र में एक ऐसा मुकाम हासिल किया जिसने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पढ़ाई करने की बजाय वे खुद कॉलेज में छात्रों को पढ़ाने लगे और सबसे कम उम्र के पुरुष प्रोफेसर बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम
नाथन थॉमस ने महज 18 साल और 346 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की। इसी के साथ उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दुनिया के सबसे कम उम्र के पुरुष प्रोफेसर के रूप में दर्ज किया गया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने करीब 306 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इतनी कम उम्र में इस स्तर तक पहुंचना उनके ज्ञान, मेहनत और लगन का उदाहरण माना जा रहा है।
नाथन थॉमस ने फ्लोरिडा के मियामी डेड कॉलेज में इंजीनियरिंग इंस्ट्रक्टर के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाली। यहां वे इंजीनियरिंग से जुड़े विषयों की पढ़ाई छात्रों को कराते हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि उनकी कक्षा में पढ़ने वाले कई छात्र उम्र में लगभग उनके बराबर हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपनी योग्यता और विषय की समझ के दम पर शिक्षक की भूमिका सफलतापूर्वक निभाई।
युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक मिसाल
नाथन थॉमस की उपलब्धि यह दिखाती है कि उम्र किसी भी सफलता की सीमा तय नहीं करती। यदि किसी व्यक्ति में प्रतिभा, मेहनत और सीखने का जुनून हो तो वह कम उम्र में भी बड़ी जिम्मेदारियां निभा सकता है। दुनिया के सबसे कम उम्र के पुरुष प्रोफेसर बनने का उनका रिकॉर्ड युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह साबित करता है कि असाधारण उपलब्धियां हासिल करने के लिए केवल दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास की जरूरत होती है।