हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी(CM Saini) ने वीरवार को दिल्ली स्थित सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बैठक में प्रदेश की नई औद्योगिक नीति, निवेश और कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं पर चर्चा हुई। सैनी ने बताया कि प्रधानमंत्री को नई औद्योगिक नीति के साथ लागू की गई नौ सेक्टोरल नीतियों की जानकारी दी गई है। सरकार ने अगले पांच वर्षों में हरियाणा में करीब 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य तय किया है।
CM सैनी के मुताबिक, नीति लॉन्च होने के दिन ही करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनमें लगभग 25 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं। जापान दौरे के दौरान हुए करीब 4,500 करोड़ रुपये के एमओयू में से भी 2,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। मुंबई में उद्योगपतियों के साथ बैठक के दौरान लगभग 66 हजार करोड़ रुपये के एमओयू हुए।
गुरुग्राम जलभराव पर सरकार का प्लान
गुरुग्राम में जलभराव को लेकर सैनी ने कहा कि सरकार पिछले कई वर्षों से समस्या के समाधान पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि इस साल गुरुग्राम में सामान्य से अधिक बारिश हुई और 6 से 8 अगस्त के बीच करीब 230 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। 24 अगस्त को तेज बारिश के कारण कुछ इलाकों में पानी भरा लेकिन करीब दो घंटे में स्थिति सामान्य कर ली गई।
सरकार ने 99 चिन्हित जलभराव वाले स्थानों पर काम शुरू किया है। कई जगह वाटर हार्वेस्टिंग वेल लगाए गए हैं। साथ ही नालों की डी-सिल्टिंग के लिए कैमरा आधारित निगरानी की व्यवस्था की गई है।
बारिश के पानी को बचाने पर जोर
हीरो होंडा चौक समेत कई क्षेत्रों में नए नालों और जल निकासी व्यवस्था पर काम हुआ है। पुराने तालाबों और जल निकायों को भी व्यवस्थित किया गया है। जापानी कंपनी निप्पान को-ई के सर्वे के बाद गुरुग्राम के निचले क्षेत्रों का पानी नूंह के रास्ते यमुना तक पहुंचाने की योजना है।
आईआईटी दिल्ली के सहयोग से रेन वाटर हार्वेस्टिंग परियोजना भी शुरू की गई है। अगले मानसून से पहले करीब 100 नए स्ट्रक्चर तैयार करने का लक्ष्य है, जिनसे 25 से 30 करोड़ लीटर वर्षा जल भूजल में पहुंचाने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले मानसून तक गुरुग्राम में जलभराव की स्थिति में और सुधार दिखाई देगा।