Rajnath Singh On Rahul Gandhi: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल गांधी और विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस नेता पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को समझना चाहिए कि लोकतंत्र अराजकता फैलाने या भारत के विकास में बाधा डालने का लाइसेंस नहीं है। दिल्ली में हालिया घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
‘विपक्ष युवाओं की ऊर्जा अराजकता की ओर मोड़ रहा’
राजनाथ सिंह ने कहा, ‘कांग्रेस और उसके सहयोगी युवाओं की ऊर्जा को अराजकता की ओर मोड़ रहे हैं। बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की बातें की जा रही हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करना विपक्ष का एजेंडा रहा है। SIR और ज्ञानेश कुमार के विरोध के पीछे देश में अराजकता फैलाने की मंशा है। अराजकता के जरिए सत्ता हासिल करना विपक्ष का असली उद्देश्य है।’
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का भी दिया हवाला
रक्षा मंत्री ने कहा, ‘कल सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर भी गौर करना चाहिए। राहुल गांधी को जनमत का सम्मान करते हुए अपनी भूमिका निभानी चाहिए। भारत के भविष्य की जिम्मेदारी हम सभी की है। टकराव के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।’ उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल को लेकर तीन घटनाओं का भी जिक्र किया।
इमरजेंसी और 1984 का किया जिक्र
राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में तीन बड़े अक्षम्य अपराध हुए। इनमें इंदिरा गांधी की ओर से देश में इमरजेंसी लगाना, 1984 में सिख भाइयों का नरसंहार और 1990 में रामभक्तों पर गोली चलाने वालों की सरकार को बचाना शामिल है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र को सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम किया।
चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस पर निशाना
रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह संविधान को अपनी जेब में रखते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में चुनाव आयोग को कठपुतली बनाकर रखा गया। राजनाथ सिंह के मुताबिक, 1993 में रातोंरात चुनाव आयोग में दो चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की गई थी।
नवीन चावला और एम.एस. गिल का जिक्र
राजनाथ सिंह ने कहा कि तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर नवीन चावला को पद से हटाने की मांग की थी। उन्होंने दावा किया कि नेहरू-गांधी परिवार के करीबी नवीन चावला को कांग्रेस ने देश का मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया। उन्होंने कांग्रेस द्वारा नियुक्त एम.एस. गिल का भी जिक्र किया और कहा कि वह दो बार कैबिनेट में रहे।
वोटर कार्ड से लेकर कांग्रेस की चुनावी हार तक सवाल
उन्होंने कहा, ‘वह नेहरू-गांधी परिवार के करीबी भी रहे। कांग्रेस द्वारा नियुक्त किए गए एम. एस. गिल दो बार कैबिनेट में रहे। पांच दशक पहले 1993 से पहले, बिना वोटर कार्ड के चुनाव होते थे। वोटर की पहचान के लिए कोई पुख्ता प्रमाण नहीं होता था। जब से यह व्यवस्था आई है, तब से कांग्रेस ने लोकसभा में अपने दम पर सरकार नहीं बनाई है। कांग्रेस कहती है कि उनके वोटों की चोरी हो रही है। जबकि यहां यूपी में 1985 में आखिरी बार कांग्रेस को बहुमत मिला था। आप फैसला करिए।’
राहुल से पूछा ये सवाल
राजनाथ सिंह ने कहा, ‘यह वोट चोरी है या कामचोरी है? राहुल गांधी इसका जवाब दें। राहुल गांधी ने वोट चोरी को हाइड्रोजन बम बताया था, लेकिन यह दिवाली का पटाखा भी नहीं निकला। राहुल गांधी ने सामान्य नागरिक को फर्जी वोटर कहकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की। हर मामला झूठ और नाटक निकला। हमने कभी संवैधानिक संस्थाओं पर शक नहीं किया है। यह हमारा चरित्र है। देश की चुनाव व्यवस्था पर कभी शक नहीं किया।’
राजीव गांधी की मौत के बाद चुनाव स्थगन पर सवाल
उन्होंने कहा कि पहले चुनाव के दौरान किसी उम्मीदवार की मृत्यु होने पर केवल संबंधित जगह का चुनाव स्थगित किया जाता था, पूरा चुनाव नहीं रोका जाता था। राजनाथ सिंह ने राजीव गांधी की मृत्यु को दुखद बताते हुए सवाल उठाया कि उनकी मृत्यु के बाद पूरे देश का चुनाव क्यों स्थगित किया गया, जबकि अमेठी का चुनाव हो चुका था।
भारत की बढ़ती वैश्विक साख का किया दावा
राजनाथ सिंह ने कहा, ‘आज अंतरराष्ट्रीय जगत में भारत की साख मोदी के नेतृत्व में बढ़ी है। डिजिटल ट्रांजैक्शन के क्षेत्र में भारत ने प्रगति की है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुए हैं। मोदी जी को 35 देशों में सम्मान मिला है। अंतरिक्ष के क्षेत्र में हम अच्छा कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय जगत में हमारी साख बढ़ रही है।’
रक्षा उत्पादन और निर्यात पर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
उन्होंने कहा कि रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भारत ने शानदार सफलता हासिल की है और 1,80,000 करोड़ रुपये का डिफेंस प्रोडक्शन हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि भारत अब रक्षा उत्पादों का निर्यातक बन गया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की बढ़ती उपलब्धियां तमाम लोगों को रास नहीं आ रही हैं और दशकों से चुनाव हार रहे राजनीतिक दल अंतरराष्ट्रीय शक्तियों के हाथों में खेलते नजर आ रहे हैं।
‘रेजीम चेंज’ को लेकर विपक्ष पर हमला
राजनाथ सिंह ने कहा, ‘रेजीम चेंज और संसद एवं सदन से रास्ता निकालने जैसी बातें विपक्ष का निंदनीय प्रयास हैं। आज कांग्रेस देश को हिंसा और अराजकता की आग में झोंकना चाहती है।’ उन्होंने इसी आधार पर कहा कि कांग्रेस गांधी नाम का उपयोग करने का हक खो चुकी है।
रायबरेली और UP कांग्रेस पर भी निशाना
रक्षा मंत्री ने सवाल किया कि कांग्रेस सत्ता से बाहर वोट चोरी के कारण है या कामचोरी के कारण। उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि क्या वह समाजवादी पार्टी के बिना रायबरेली की सीट जीत सकते हैं। साथ ही दावा किया कि कांग्रेस की प्रदेश इकाई में एक-दूसरे पर भरोसा नहीं है और लोग मौखिक ही नहीं, शारीरिक रूप से भी लड़ रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश कांग्रेस में ‘घनघोर अराजकता’ होने का आरोप लगाया।
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