खाड़ी देश में जारी भीषण संघर्ष के कारण कच्चे तेल और एलएनजी की आपूर्ति बाधित होने से पाकिस्तान में गंभीर ऊर्जा संकट गहरा गया है। हालात पर काबू पाने के लिए पाकिस्तान सरकार ने गुरुवार को कई कड़े बचत उपायों का ऐलान किया है। नए आदेशों के तहत सरकारी गाड़ियों के ईंधन कोटे में भारी कटौती की गई है। इसके साथ ही नए सरकारी वाहनों की खरीद, अधिकारियों की विदेशी यात्राओं, आधिकारिक दावतों और बैठकों में होने वाले फालतू खर्चों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
#BREAKING: Pakistan bans purchase of vehicles and foreign visits by politicians & officials in a major austerity move to conserve fuel. Markets to shut by 9pm, restaurants by 9pm. This Pakistan wanted to help Saudi Arabia & Turkey with Military assistance if they face an attack. pic.twitter.com/FHcoI8i2DZ
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) September 17, 2026
बैठकें होंगी ऑनलाइन, सामान खरीदने पर पाबंदी
आर्थिक और ऊर्जा दबाव से निपटने के लिए सरकारी कार्यालयों को अब सभी बैठकों के लिए टेलीकॉन्फ्रेंसिंग तकनीक अपनाने का निर्देश दिया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी (IT) से जुड़े सामानों को छोड़कर सरकार द्वारा किसी भी तरह की टिकाऊ वस्तुओं की खरीद पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। चालू वर्ष में यह दूसरा मौका है जब पाकिस्तान को ऐसे कड़े कदम उठाने पड़े हैं। इससे पहले मार्च महीने में भी सरकार ने ईंधन बचाने के उद्देश्य से दो हफ्ते के लिए स्कूल बंद कर दिए थे और कर्मचारियों को घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने को कहा था।
छोटी गाड़ियों को मिलेगी सब्सिडी
पेट्रोलियम पदार्थों की आसमान छूती कीमतों से आम जनता को राहत देने के लिए पाकिस्तान ने बुधवार से एक विशेष सब्सिडी योजना शुरू की है। इस नीति के तहत मोटरसाइकिल, ऑटो-रिक्शा और छोटी कार मालिकों को तय मासिक कोटे पर 100 पाकिस्तानी रुपये (लगभग 36 अमेरिकी सेंट) प्रति लीटर की छूट दी जा रही है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर पड़ रहे महंगाई के सीधे प्रभाव को कम करना है ताकि ईंधन दरों में वृद्धि का ज्यादा असर उनकी जेब पर न पड़े।
खाड़ी और लाल सागर के युद्ध से ठप्प हुई आपूर्ति
पाकिस्तान में उपजे इस ऊर्जा संकट के पीछे खाड़ी क्षेत्र में जारी भू-राजनीतिक तनाव मुख्य वजह है। करीब छह महीने पहले अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद से ही ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के महत्वपूर्ण मार्ग से तेल और गैस का निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके अतिरिक्त, सऊदी अरब और ईरान-समर्थित हूती लड़ाकों के बीच तेज हुई जंग के कारण लाल सागर के समुद्री व्यापारिक मार्ग पर भी जहाजों का आवागमन ठप्प हो गया है, जिससे पाकिस्तान को गैस और बिजली की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
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