भारत में डिजिटल पेमेंट का चलन लगातार बढ़ रहा है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने अक्टूबर 2026 में लेनदेन के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में UPI के जरिए 25.47 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 31.53 लाख करोड़ रुपये रही। सितंबर के मुकाबले ट्रांजैक्शन की संख्या में 5.8 फीसदी और लेनदेन की कुल रकम में 7.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
अक्टूबर में रोजाना औसतन 82.2 करोड़ ट्रांजैक्शन
NPCI के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में UPI के जरिए 24.07 अरब ट्रांजैक्शन हुए थे और इनकी कुल वैल्यू 29.37 लाख करोड़ रुपये रही थी। अक्टूबर में ट्रांजैक्शन की संख्या बढ़कर 25.47 अरब पहुंच गई। अक्टूबर में 31 दिन होने के कारण महीने के कुल आंकड़ों पर भी इसका असर पड़ा।दैनिक औसत के आधार पर भी UPI लेनदेन में बढ़ोतरी दर्ज की गई। अक्टूबर में रोजाना औसतन 82.2 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जबकि सितंबर में यह आंकड़ा 80.2 करोड़ था। इसी तरह, रोजाना औसत लेनदेन की रकम सितंबर के 97,913 करोड़ रुपये से बढ़कर अक्टूबर में 1,01,707 करोड़ रुपये हो गई।
सालाना आधार पर अक्टूबर में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या में 23 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि कुल लेनदेन मूल्य 16 फीसदी बढ़ा। इससे डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल का संकेत मिलता है।
PhonePe और Google Pay का दबदबा
UPI ने मई 2026 में पहली बार एक महीने में 23 अरब ट्रांजैक्शन का आंकड़ा पार किया था। उस महीने 23.2 अरब ट्रांजैक्शन के जरिए 29.90 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था। इसके बाद जुलाई में 23.66 अरब और अगस्त में रिकॉर्ड 24.51 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए। सितंबर में यह संख्या घटकर 24.07 अरब रह गई, लेकिन अक्टूबर में UPI ने नया रिकॉर्ड बना दिया। NPCI के सितंबर के आंकड़ों के अनुसार, UPI ऐप्स में PhonePe 45.6 फीसदी ट्रांजैक्शन वॉल्यूम के साथ पहले स्थान पर रहा। Google Pay की हिस्सेदारी 32.2 फीसदी और Paytm की 8.1 फीसदी थी। इन तीनों ऐप्स के जरिए सूचीबद्ध UPI ऐप्स के कुल ट्रांजैक्शन का करीब 86 फीसदी हिस्सा हुआ। अक्टूबर के लिए ऐप के हिसाब से आंकड़े अभी जारी नहीं किए गए हैं।
Paytm का एक-तिहाई बाजार पर कब्जे का लक्ष्य
Paytm के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने कंपनी के वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों से जुड़ी बातचीत में कहा कि कंपनी का लक्ष्य UPI के कंज्यूमर पेमेंट बाजार में एक-तिहाई हिस्सेदारी हासिल करना है। उन्होंने उपभोक्ता भुगतान में बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने को कंपनी की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया। इस बीच, NPCI ने चुनिंदा UPI लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का फैसला दिवाली के बाद तक टाल दिया है। यह व्यवस्था पहले 15 अक्टूबर से लागू होनी थी। UPI और सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने 13 अक्टूबर को त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए इसे टालने का निर्णय लिया। नई तारीख अलग से घोषित की जाएगी।
Read More
गोरखपुर में गरजे CM योगी! सपा पर दंगों को लेकर साधा निशाना, किसानों के लिए किया बड़ा ऐलान

