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पश्चिम बंगाल में CAA के तहत 2.5 लाख लोगों को नागरिकता देने का लक्ष्य, मटुआ समुदाय के लिए 50 करोड़ का ऐलान

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत राज्य में नागरिकता देने की प्रक्रिया तेज करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 31 दिसंबर तक 2.5 लाख आवेदकों को नागरिकता प्रदान करना है। इसके लिए संबंधित आवेदनों की सुनवाई में तेजी लाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने मटुआ समुदाय के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये की सहायता देने की भी घोषणा की।

25 हजार लोगों को नागरिकता मिली

उत्तर 24 परगना जिले के ठाकुरनगर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मटुआ गोसाई सम्मेलन 2026 को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अब तक पश्चिम बंगाल में CAA के तहत करीब 25 हजार लोगों को नागरिकता मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार सुनवाई की प्रक्रिया तेज करके इस संख्या में बढ़ोतरी करेगी और साल के अंत तक 2.5 लाख आवेदकों को नागरिकता देने का लक्ष्य पूरा करने की कोशिश करेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि CAA के तहत नागरिकता प्राप्त करने वाले पात्र अनुसूचित जाति के आवेदकों को एससी प्रमाणपत्र भी जारी किया जाएगा। उनके मुताबिक, इससे पात्र लोगों को संबंधित सरकारी दस्तावेज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

विकास के लिए 50 करोड़ रुपये की सहायता

शुभेंदु अधिकारी ने मटुआ समुदाय के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने समुदाय के राजनीतिक समर्थन को राज्य में बीजेपी की सरकार बनने से भी जोड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मटुआ समुदाय के समर्थन ने पश्चिम बंगाल में उनकी सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई है।ठाकुरनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भी उन्होंने कहा कि अगर वह इस क्षेत्र और मटुआ समुदाय के लिए कुछ कर पाते हैं, तो यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक होगी। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार समुदाय के विकास के लिए काम करेगी।

ममता बनर्जी पर लगाए अनदेखी और विभाजन के आरोप

मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनकी सरकार ने मटुआ समुदाय के लिए पर्याप्त काम नहीं किया और समाज को बांटने का प्रयास किया। शुभेंदु अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने CAA का विरोध किया था। मटुआ समुदाय अनुसूचित जाति से जुड़ा है और इसकी पहचान 19वीं सदी के अंत में हरिचंद ठाकुर के नेतृत्व में शुरू हुए सामाजिक सुधार आंदोलन से जुड़ी है। इस आंदोलन ने मुख्य रूप से अविभाजित पूर्वी बंगाल के नमःशूद्र समुदाय को संगठित किया था। पश्चिम बंगाल में नमःशूद्र समुदाय को भी अनुसूचित जाति के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

CAA के तहत बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए पात्र प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार नागरिकता प्रक्रिया तेज करने, पात्र लोगों को एससी प्रमाणपत्र जारी करने और मटुआ समुदाय के विकास के लिए घोषित सहायता उपलब्ध कराने पर काम करेगी।

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Ram Janam Chauhan
Ram Janam Chauhanhttp://mhone.in
राम जनम चौहान वर्तमान में MH One News के साथ जुड़े हुए हैं। वे मुख्य रूप से पॉलिटिक्स और नेशनल न्यूज़ को कवर करते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण संस्थान के साथ की। इसके अलावा Zee Media और India News में इंटर्नशिप की है। राम जनम चौहान ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज (गोकलपुरी, दिल्ली) से पत्रकारिता एवं जनसंचार (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है।
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