रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल के आरोपों को राजनीतिक नाटक बताते हुए कहा कि जिस मुद्दे को हाइड्रोजन बम बताकर देशभर में उठाया गया, वह दीवाली का पटाखा भी साबित नहीं हुआ। राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने मतदाता सूची को लेकर कई ऐसे दावे किए, जो जांचने पर गलत निकले। रक्षा मंत्री ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर राजनीतिक टकराव को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया। उनके मुताबिक, विपक्ष को विरोध और अवरोध की राजनीति छोड़कर संवाद तथा राष्ट्र निर्माण पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी को भी अराजकता फैलाने की छूट नहीं दी जा सकती।
वोटर लिस्ट के आरोपों पर राहुल गांधी को घेरा
राजनाथ सिंह ने दावा किया कि राहुल गांधी ने कभी 70 साल की महिला के दो जगह मतदाता होने का आरोप लगाया, तो कभी 35 साल की महिला को 124 साल का मतदाता बताने जैसी बात सामने आई। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को फर्जी मतदाता बताकर बदनाम करने की कोशिश की गई, लेकिन वोट चोरी के आरोप राजनीतिक शोर से आगे नहीं बढ़ सके। रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर सत्ता परिवर्तन और सड़क के जरिए दबाव बनाने जैसी भाषा का इस्तेमाल कर टकराव बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को राजनीतिक मतभेदों का समाधान संवाद के जरिए तलाशना चाहिए। राजनाथ सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसी राजनीति देश की अर्थव्यवस्था और संस्थागत व्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकती है।
इमरजेंसी और चुनाव आयुक्तों का हवाला देकर कांग्रेस पर निशाना
राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के शासनकाल की इमरजेंसी, 1984 में सिखों के नरसंहार और कार सेवकों पर गोली चलाए जाने का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाती है, जबकि उसके अपने शासनकाल का रिकॉर्ड भी सवालों के घेरे में रहा है। चुनाव आयोग को लेकर उन्होंने कहा कि 1990 में दो चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की गई थी। उन्होंने नवीन चावला और पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एमएस गिल का भी उल्लेख किया। राजनाथ सिंह के मुताबिक, गिल बाद में केंद्र सरकार में मंत्री बने। उन्होंने कहा कि भाजपा संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करती है और कांग्रेस को भी संस्थाओं पर आरोप लगाने से पहले अपने अतीत पर विचार करना चाहिए।
चुनाव स्थगित करने पर उठाया सवाल
रक्षा मंत्री ने राजीव गांधी की हत्या के बाद चुनाव स्थगित किए जाने का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि किसी एक उम्मीदवार की मृत्यु होने पर पूरे चुनाव को रोकने का फैसला क्यों लिया गया था। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक हार का बदला लेने के लिए टकराव और हिंसा का रास्ता अपनाने का आरोप लगाया। साथ ही, बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करने की आशंका जताई। राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी से यह सवाल भी किया कि क्या वह समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना अमेठी जीत सकते हैं। कांग्रेस कार्यालय में हुई मारपीट का जिक्र करते हुए उन्होंने पार्टी को पहले अपने भीतर की स्थिति देखने की सलाह दी। रक्षा मंत्री ने दोहराया कि राहुल गांधी का वोट चोरी का आरोपों वाला हाइड्रोजन बम नाकाम रहा। हालांकि, ये सभी आरोप राजनाथ सिंह के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
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