दिल्ली के पांडव नगर इलाके में 12 साल की स्कूली छात्रा की मौत के बाद स्कूल में उसके साथ मारपीट का मामला सामने आया है। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची की 27 अगस्त को मौत हो गई थी। परिवार ने उसी दिन उसका अंतिम संस्कार कर दिया। अब परिवार ने आरोप लगाया है कि करीब एक महीने पहले स्कूल में टीचर की डांट और मारपीट के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ती चली गई।
किताब नहीं लाने पर टीचर ने दी सजा
परिवार के अनुसार, 22 जुलाई को बच्ची किताब लेकर स्कूल नहीं पहुंची थी। इस बात पर उसकी क्लास टीचर ने उसे डांटा और सजा के तौर पर कक्षा के पीछे खड़ा कर दिया। परिवार का आरोप है कि इसी दौरान बच्ची के साथ मारपीट भी की गई। इसके बाद बच्ची की तबीयत खराब हो गई। स्कूल की ओर से परिवार को सूचना दी गई, जिसके बाद परिजन उसे घर ले गए। बच्ची का इलाज कराया गया और बाद में उसे आईएचबीएएस अस्पताल भी ले जाया गया।
मां बोलीं- घटना के बाद परेशान रहने लगी बेटी
बच्ची की मां का कहना है कि स्कूल में हुई घटना के बाद उनकी बेटी शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी। उनका आरोप है कि बेटी की हालत बिगड़ने के बाद भी स्कूल की तरफ से उसका हाल जानने के लिए कोई नहीं आया। परिवार ने इस मामले में स्कूल के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बच्ची को पहले से थी मिर्गी की बीमारी
पुलिस के मुताबिक, बच्ची को पहले से मिर्गी की बीमारी थी। 22 जुलाई को स्कूल में हुई घटना और 27 अगस्त को बच्ची की मौत के बीच करीब 40 दिन का अंतर है। पुलिस के अनुसार, इस दौरान टीचर द्वारा मारपीट या दुर्व्यवहार को लेकर कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। बच्ची के अंतिम संस्कार से पहले भी पुलिस के पास इस संबंध में कोई शिकायत नहीं पहुंची थी।
मौसी की सूचना पर पुलिस ने शुरू की जांच
सोमवार सुबह करीब 9:51 बजे कल्याणपुरी थाने को PCR कॉल मिली। बच्ची की मौसी ने पुलिस को बताया कि स्कूल में टीचर ने बच्ची को पीटा था और इसके बाद उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पुलिस स्कूल में हुई घटना से लेकर बच्ची की तबीयत बिगड़ने, इलाज और मौत तक के पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।
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