केंद्र सरकार ने परीक्षा में पेपर लीक और नकल के मामलों पर सख्त कार्रवाई के लिए बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2024 में संशोधन संबंधी विधेयक को मंजूरी दे दी गई। प्रस्तावित कानून में दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई
संशोधन विधेयक के तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट जरूरी किए जाएंगे। जानकारी के अनुसार, इन अदालतों को ऐसे मामलों का फैसला तीन महीने के भीतर करना होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस विधेयक को सोमवार को संसद में पेश कर सकते हैं।
मौजूदा कानून में क्या बदलाव होंगे?
वर्तमान में लागू कानून के अनुसार, पेपर लीक के व्यक्तिगत मामलों में 3 से 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, संबंधित जानकारी छिपाने वाले सर्विस प्रोवाइडर पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। संगठित अपराध के मामलों में अभी 5 से 10 साल तक की सजा और कम से कम 1 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। नए संशोधनों के बाद कानून को और अधिक सख्त बनाया जाएगा। साथ ही, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) इस कानून का नोडल मंत्रालय होगा।
More strict actions against paper leaks to come in tomorrow’s Cabinet! pic.twitter.com/NRysBukk5U
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026

