राजस्थान की राजधानी जयपुर(Jaipur) में अवैध रूप से भारत में रहने और कथित तौर पर फर्जी पहचान इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में तीन बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला जिसका नाम रुबिया है वह भी शामिल है जिस पर अपनी असली पहचान छिपाकर भारत में रहने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार महिला रुबिया जयपुर के नारायण विहार इलाके से पकड़ी गई। जांच में सामने आया कि वह कथित तौर पर हिंदू महिला के रूप में रह रही थी।
पुलिस का कहना है कि वह मांग में सिंदूर लगाती थी और गले में मंगलसूत्र पहनती थी। उसने नागौर जिले के मेड़ता निवासी एक युवक से प्रेम विवाह किया था और उसी के साथ रह रही थी। इसके अलावा पुलिस ने मानसरोवर क्षेत्र से नदीम और सांगानेर सदर इलाके से आशीष हलधर को भी गिरफ्तार किया है। शुरुआती पूछताछ में तीनों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे कुछ साल पहले बांग्लादेश से अवैध तरीके से भारत आए थे।
जांच में मिले संदिग्ध दस्तावेज
जयपुर में सामने आए फर्जी पहचान और अवैध प्रवेश से जुड़े मामले में पुलिस की जांच अब और तेज हो गई है। जांच के दौरान महिला के पास से एक आधार कार्ड बरामद हुआ है जिसकी वैधता को लेकर पुलिस को संदेह है। शुरुआती जांच में इसके फर्जी होने की आशंका जताई गई है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह दस्तावेज किसने तैयार किया और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका हो सकती है। पुलिस इस मामले को केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं मान रही बल्कि संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
जांच के दौरान सामने आया है कि जयपुर, नागौर, भीलवाड़ा और अजमेर से जुड़े कुछ मामलों में पकड़ी गई बांग्लादेशी महिलाओं के बीच संपर्क होने के संकेत मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन कड़ियों की पुष्टि के लिए अलग-अलग स्तर पर जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी में यह भी सामने आया है कि कुछ महिलाओं ने अलग-अलग जगहों पर भारतीय युवकों से शादी की थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन घटनाओं के पीछे कोई संगठित योजना थी या नहीं।
हर पहलू से मामले की जांच
जांच एजेंसियां कुछ महिलाओं के कथित तौर पर अवैध गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में होने की संभावनाओं की भी पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है और पुलिस ने भी किसी दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार आरोपियों के किसी देशविरोधी गतिविधि या किसी संगठित आपराधिक मॉड्यूल से जुड़े होने की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पूछताछ और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
फर्जी दस्तावेज बनाने वालों पर पुलिस की नजर
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह मामला केवल अवैध घुसपैठ और नकली दस्तावेजों तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरफ्तार लोगों को भारत आने में किसने मदद की और दस्तावेज तैयार कराने में कौन शामिल था। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस मामले से जुड़े और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
भारत के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर, केंद्रीय मंत्रिपरिषद से रवनीत सिंह का इस्तीफ़ा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
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यह फ़ैसला भारत...