पंजाब की लुधियाना सेंट्रल जेल(Ludhiana Jail) एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जेल के एडिशनल सुपरिटेंडेंट बलवीर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने पैसे लेकर कुछ कैदियों को जेल के सामान्य वार्ड की जगह बेहतर सुविधाओं वाली बैरक में रखने का इंतजाम किया।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 11 अंडरट्रायल कैदियों से कथित तौर पर 2 से 4 लाख रुपये तक नकद लिए गए थे। ये सभी कैदी GST फ्रॉड से जुड़े मामलों में मुकदमे का सामना कर रहे हैं।
जांच के बाद हुई कार्रवाई
इस मामल के सामने आने के बाद जेल विभाग की शिकायत पर AIG हेडक्वार्टर राजेश कुमार ने जांच की। जांच के बाद बलवीर सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
लुधियाना सेंट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट कुलवंत सिंह सिद्धू ने भी निलंबन की पुष्टि की है। रिपोर्ट के मुताबिक, निलंबन आदेश में आरोपों को गंभीर बताते हुए कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। मामले में भ्रष्टाचार निरोधक कानून और जेल अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोपों का भी जिक्र किया गया है।
पहले भी सामने आ चुके मामले
2021 में जेल के अंदर कैदियों के हुक्का पीने का वीडियो सामने आने के बाद तीन कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई थी। वहीं जनवरी 2024 में जेल के अंदर कैदियों की जन्मदिन पार्टी का वीडियो वायरल हुआ था। जांच के बाद दो डिप्टी सुपरिटेंडेंट को गिरफ्तार किया गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, उन पर कैदियों को मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामान देने के लिए रिश्वत लेने के आरोप थे।
इन घटनाओं के बाद ताजा मामला एक बार फिर जेल प्रशासन में निगरानी और व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है।
[…] […]