नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़(Nepal flood) के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। इस मुश्किल समय में भारत की तकनीकी और फोरेंसिक टीमें भी नेपाल की मदद कर रही हैं। भारतीय विशेषज्ञ चिलिमे सुरंग में राहत कार्य को आगे बढ़ाने में जुटे हैं जबकि फोरेंसिक टीम मृतकों की पहचान करने में सहयोग दे रही है।
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, बाढ़ से अब तक 1,356 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 4,994 लोग लापता हैं। राहत अभियानों में अब तक 13,396 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है।
चिलिमे सुरंग में बचाव कार्य आगे बढ़ा
विदेश मंत्रालय की ओर से चिलिमे टनल में बचाव का अभियान तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। टनल तक अपनी पहुंचने बनाने के लिए सुरक्षा रस्सियां लगाई गई हैं और जमा हुई गाद को हटाने के लिए बड़े मड पंपों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
साइट तक भारी मशीनरी पहुंचाने के लिए एक अस्थायी रास्ता भी बनाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रास्ते के निर्माण में हुई प्रगति उत्साहजनक है।
1,200 से ज्यादा DNA नमूनों की जांच
नेपाल की विकराल बाढ़ में मरने वालों लोगों की पहचान का काम भारत की फोरेंसिक टीम तेजी से कर रही है। टीम काठमांडू की दो प्रयोगशालाओं में एक साथ मिलकर DNA नमूनों की जांच में जुटी हुई है। इसी के साथ विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 1,200 से अधिक नमूनों को जांच के लिए प्रोसेस किया गया ह जिनसे करीब 292 DNA प्रोफाइल तैयार किए जा चुके हैं।
कई जिलों से बरामद हुए शव
नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा, तनहुन, चितवन, नवलपरासी पूर्व और नवलपरासी पश्चिम से शव और अज्ञात मानव अवशेष मिले हैं। चितवन में 363 शव बरामद हुए, जबकि नवलपरासी पूर्व में 223 और नवलपरासी पश्चिम में 221 शव मिले।
नुवाकोट से 197, रसुवा से 169, गोरखा से 75, धाडिंग से 70 और तनहुन से 38 शव बरामद किए गए हैं। अब तक अपनी जान गंवाने वाले 98 लोगों के शवों को उनके परिवारों को सौंपा जा चुका है जिनकी पहचान के लिए परिजन संबंधित जिला पुलिस कार्यालय में DNA नमूना, दो तस्वीरें और रिश्तेदारी का प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।