Haryana Assembly Monsoon Session: मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई। सत्र समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सदन की कार्यवाही का लेखा-जोखा जनता के सामने रखा। इस दौरान उन्होंने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाए।
विपक्ष की भूमिका अहम, लेकिन मर्यादा जरूरी- CM सैनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि “लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका बहुत अहम है, लेकिन अधिकारों के साथ मर्यादा और जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। विरोध के नाम पर नियम तोड़ना अथवा सुरक्षा कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। किसी कर्मचारी पर अपना राजनीतिक गुस्सा निकालना उचित नहीं है। कांग्रेस के विधायकों ने मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा के गेट पर ही नहीं, भीतर भी सदन की गरिमा को तार-तार किया।”
विधानसभा के नियमों का पालन जरूरी- CM सैनी
सीएम सैनी ने कहा कि “विधानसभा की अपनी गरिमा, परंपराएं और सुरक्षा संबंधी नियम हैं। यदि किसी व्यवस्था के तहत नारे लिखी तख्तियां लेकर विधानसभा भवन में प्रवेश की अनुमति नहीं है, तो प्रत्येक सदस्य की जिम्मेदारी है कि वो उस व्यवस्था का पालन करें। केवल विधायक होने का अर्थ ये नहीं है कि कोई व्यक्ति नियम और कानून से ऊपर हो गया है। मुझे ये जानकर भी हैरानी हुई कि कुछ कांग्रेस विधायक विरोध प्रदर्शन को विधानसभा के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की तक ले गए और इसमें नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी शामिल थे। हुड्डा प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हैं, लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में हैं और आज नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे वरिष्ठ नेता से संयम और मर्यादा की अपेक्षा स्वाभाविक है।”
कांग्रेस के पास मुद्दों का घोर अभाव- CM सैनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि “विधानसभा के गेट पर तैनात प्रत्येक पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी निभा रहा होता है। जिस प्रकार विधानसभा सदस्य की अपनी गरिमा है, उसी प्रकार ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी सम्मान का अधिकारी है। किसी कर्मचारी पर अपना राजनीतिक गुस्सा निकालना उचित नहीं है। आज कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के पास मुद्दों का घोर अभाव है और मुद्दा विहीन कांग्रेस जिस गति से झूठ फैलाती है, उस गति से तो हवा भी नहीं चलती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों व योजनाओं के कारण आज भारत के विकास की चर्चा भारत में नहीं बल्कि भारत से बाहर भी हो रही है।”
सुरक्षाकर्मियों से व्यवहार पर जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री सैनी ने कांग्रेस नेतृत्व से पूरे घटनाक्रम पर आत्मचिंतन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि “यदि किसी पुलिसकर्मी या सुरक्षाकर्मी के साथ अनुचित व्यवहार हुआ है, तो उसके लिए खेद व्यक्त करने में किसी नेता का कद छोटा नहीं, बल्कि बड़ा होता है। कांग्रेस द्वारा विधानसभा की गरिमा को केवल गेट पर ही नहीं, बल्कि सदन के अंदर भी तार-तार करने का काम किया गया।”
27 अगस्त के पोस्टर विवाद का भी जिक्र
सीएम सैनी ने 27 अगस्त को सदन में कांग्रेस पार्टी से चुने गए एक सिख-दलित विधायक द्वारा दिखाए गए पोस्टर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पोस्टर में 1984 के दंगों के आरोपियों को रोल मॉडल बताने वालों से माफी की मांग की गई थी।
दलित विधायक का अपमान दुर्भाग्यपूर्ण- CM सैनी
इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि “इस प्रकार का पोस्टर दिखाया जाना और उसके बाद नेता प्रतिपक्ष के इशारे पर उनके लाडले विधायक द्वारा छीना जाना और अपमानजनक ढंग से सदन में फेंकना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस घटना से कानून के साथ-साथ इंसानियत भी तार-तार हुई है। 1984 के दंगों के दौरान लोगों के साथ किस प्रकार अत्याचार हुआ और सिख महिलाओं के साथ किस प्रकार दुर्व्यवहार किया गया, यह सभी जानते हैं।”
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