पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग से ठीक पहले सियासी माहौल में एक नया मोड़ आ गया है। मतदान से कुछ घंटे पहले ही सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) में देर रात हलचल देखने को मिली जब एक जनहित याचिका दाखिल कर IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा को राज्य में उनकी ड्यूटी से हटाने की मांग की गई।
यह याचिका मंगलवार देर रात ई-फाइल की गई जिसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी अजय पाल शर्मा, जो फिलहाल बंगाल में पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में तैनात हैं उन्हें तुरंत हटाया जाए। याचिकाकर्ता ने अनुच्छेद 32 का हवाला देते हुए कोर्ट से इस मामले को लेकर जल्द सुनवाई की अपील की है ताकि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनी रह सके।
याचिका में लगाया गया ये आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि अजय पाल शर्मा अपने पद को सही ढंग से संभालने में विफल रहे हैं। उन्हें ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ और ‘यूपी के सिंघम’ के तौर पर जाना जाता है। इसी को साथ उन पर आरोप है कि दक्षिण 24 परगना में जिम्मेदारी संभालने के बाद से उन्होंने कथित तौर पर दबाव बनाने, लोगों को डराने धमकाने और अनुचित हस्तक्षेप जैसे कदम उठाए हैं जिससे चुनावी माहौल पर बुरा असर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट से किया आग्रह
याचिकाकर्ता ने कोर्ट से आग्रह किया है कि इस मामले पर तत्काल संज्ञान लिया जाए और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। हालांकि, अब तक इस याचिका पर सुनवाई की तारीख तय नहीं हुई है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के तहत 142 सीटों पर मतदान हो रहा है। चुनाव प्रचार पहले ही थम चुका है और अब सभी की नजर मतदान और उसके परिणामों पर टिकी हुई है।
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