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उनकी वजह से मैं मर रहा हूँ…आगरा के अरनौटा पुल पर 24 साल के युवक ने की आत्महत्या की कोशिश

गुरुवार दोपहर आगरा के पास बसई अरेला पुलिस स्टेशन के इलाके में अरनौटा पुल पर एक 24 साल के युवक ने खुदकुशी की कोशिश की। दोपहर करीब 1:00 बजे, युवक ने पुल के ढांचे से रस्सी बांधी और लटक गया। अच्छी बात यह रही कि आस-पास मौजूद लोगों ने तुरंत कार्रवाई की और हालात के जानलेवा होने से पहले ही उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

इस मुश्किल बचाव कार्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गया और लोगों का ध्यान इस ओर गया।

मेडिकल मदद और गंभीर हालत में रेफरल

बचाव के तुरंत बाद, आस-पास के लोग और स्थानीय निवासी उसे पास के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) ले गए। मेडिकल स्टाफ ने तुरंत इमरजेंसी इलाज दिया; लेकिन उसकी हालत गंभीर होने के कारण, डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए आगरा के एक स्पेशलाइज़्ड सेंटर में रेफर करना ज़रूरी समझा।

सुसाइड नोट से पारिवारिक झगड़े और आर्थिक तंगी का खुलासा

शुरुआती जांच के दौरान, अधिकारियों को युवक के कपड़ों से एक लिखा हुआ सुसाइड नोट मिला। नोट में उसने अपनी पहचान धीरज कुमार के तौर पर बताई और उस भारी दबाव का ज़िक्र किया जिसने उसे इस कदम तक पहुँचाया।

नोट से सामने आई मुख्य बातें इस प्रकार हैं-

ससुराल वालों पर गंभीर आरोप-

धीरज ने अपनी सास (मल्ला देवी), ससुर (चंद्रसेन/यशपाल) और दो साले (सत्यवीर और उमेश) के नाम लिए। उसने आरोप लगाया कि वे उसे लगातार मानसिक रूप से परेशान करते थे।

पत्नी से अलगाव उसने दावा किया कि ससुराल वालों ने उसकी पत्नी को बहकाया, उसे उसके खिलाफ भड़काया और उन्हें साथ रहने वाले घर से जाने के लिए मजबूर किया।

कर्ज़ और संपत्ति का विवाद

लगभग ₹3 लाख से ₹4 लाख के कर्ज़ से जूझ रहे धीरज ने अपनी आर्थिक देनदारियों को चुकाने के लिए अपनी विरासत में मिली ज़मीन का एक बीघा हिस्सा गिरवी रखने या बेचने की योजना बनाई थी, इस योजना का उसके परिवार ने समर्थन भी किया था।

ज़मीन को लेकर धमकियां

उसके ससुराल वालों ने इस सौदे का ज़ोरदार विरोध किया और अपनी बेटी की तरफ से संपत्ति पर अपना हक जताया। धीरज ने आरोप लगाया कि उसके साले उमेश ने ज़मीन के सौदे को लेकर धमकी देते हुए उसे दिल्ली जाने के लिए मजबूर किया। धीरज ने उस दुखद नोट में लिखा, “मुझे माफ़ करना, मैं इन लोगों की वजह से जान दे रहा हूँ।” उसने बार-बार बातचीत की कोशिशों के बावजूद झगड़े को सुलझा न पाने पर गहरी निराशा ज़ाहिर की।

पुलिस की जाँच जारी

घटना की खबर मिलने पर स्थानीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे और सुसाइड नोट को अहम सबूत के तौर पर अपने कब्ज़े में ले लिया। पुलिस अधिकारियों ने मानसिक प्रताड़ना, आर्थिक दबाव और घरेलू उकसावे के आरोपों की औपचारिक जाँच शुरू कर दी है। आगे की कानूनी कार्रवाई जाँच की प्रगति और धीरज की मेडिकल स्थिति की जानकारी पर निर्भर करेगी।

 

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