CM Yogi Meeting with Officials: अयोध्या में 7 नवंबर को 10वां भव्य दीपोत्सव मनाया जाएगा। दीपोत्सव के एक दशक पूरे होने के अवसर पर राम की पैड़ी समेत पूरी अवधपुरी को लाखों दीपों से रोशन किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और आयोजन की धार्मिक गरिमा, सांस्कृतिक परंपरा और भव्यता के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं समय से पूरा करने के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं और अतिथियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन के साथ प्रकाश, स्वच्छता और मार्गदर्शन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आयोजन को भव्य बनाने के साथ उसकी धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया।
तीन चरणों में होगा दीपोत्सव
अपर मुख्य सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति ने बैठक में मुख्यमंत्री को बताया कि इस बार दीपोत्सव का आयोजन तीन प्रमुख चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में साकेत महाविद्यालय से भव्य शोभायात्रा निकलेगी। इसमें रामायण के प्रसंगों और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए भगवान श्रीराम के जीवन आदर्शों को दर्शाया जाएगा।
रामकथा पार्क में होगा भरत मिलाप और राज्याभिषेक
दूसरे चरण में रामकथा पार्क में प्रभु श्रीराम और माता सीता के स्वरूपों का प्रतीकात्मक आगमन होगा। इसके साथ भरत मिलाप और श्रीराम के राज्याभिषेक से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस चरण में रामायण से जुड़े प्रसंगों को सांस्कृतिक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
2100 ड्रोन से होगा आसमान में भव्य शो
तीसरे चरण में सरयू आरती, दीप प्रज्ज्वलन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ कई बड़े आकर्षण देखने को मिलेंगे। राम की पैड़ी पर 200 कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा 2100 स्वदेशी ड्रोन के जरिए आकाशीय प्रस्तुति, लेजर शो और 3डी प्रोजेक्शन होगा। गोंडा पुल के पास हरित आतिशबाजी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके साथ अंतरराष्ट्रीय रामलीलाओं का मंचन भी किया जाएगा।
35 हजार स्वयंसेवक संभालेंगे आयोजन में भागीदारी
अधिकारियों ने बताया कि दीपोत्सव में करीब 35 हजार स्वयंसेवक सहभागी होंगे। सरयू आरती में 2147 प्रतिभागियों की भागीदारी होगी। आयोजन को डिजिटल माध्यमों के जरिए देश-दुनिया तक पहुंचाने की भी तैयारी है। इसके तहत दीपोत्सव को पांच करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
13 राज्यों के करीब 1000 कलाकार दिखाएंगे लोक संस्कृति
दीपोत्सव में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक, झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, असम, राजस्थान, बिहार, केरल, गोवा और तेलंगाना के करीब 1000 कलाकार हिस्सा लेंगे। ये कलाकार अलग-अलग राज्यों की लोककलाओं और नृत्य परंपराओं की प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा 12 देशों के सांस्कृतिक प्रतिनिधियों की सहभागिता प्रस्तावित है। भारत में तैनात विदेशी राजदूतों और विदेशों में तैनात भारतीय राजनयिकों को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया जा रहा है।
संतों और स्थानीय संगठनों से बातचीत के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के पदाधिकारियों और अयोध्या के संतों के साथ बातचीत कर दीपोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देने को कहा। उन्होंने स्थानीय व्यापारियों और सामाजिक संगठनों का सहयोग लेने के भी निर्देश दिए, ताकि आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से पूरी की जा सकें।
रामघाट के विकास पर भी हुई चर्चा
बैठक में चित्रकूट के रामघाट के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने हाल में अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का प्राथमिकता के आधार पर पुनर्विकास कराने के निर्देश दिए। उन्होंने दुकानों के व्यवस्थित पुनर्वास, नालों के सुदृढ़ीकरण और तुलसी चबूतरे के विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने को कहा।
धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का रखा जाए ध्यान
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रामघाट के विकास कार्यों में उसके स्थानीय धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व और लोगों की भावनाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा और क्षेत्र की गरिमा को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
Read More:


[…] अयोध्या में 7 नवंबर को होगा 10वां दीपोत्… […]