गुजरात के अहमदाबाद शहर में त्योहारी सीजन के बीच लोगों की सेहत से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। अहमदाबाद नगर निगम (AMC) की खाद्य सुरक्षा टीम ने बहरामपुरा इलाके में स्थित एक संदिग्ध फैक्ट्री पर छापेमारी कर करीब 2,000 किलो मिलावटी केचप बरामद किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस फैक्ट्री में बिना एक भी टमाटर का इस्तेमाल किए कृत्रिम तरीकों से टमाटर जैसा दिखने वाला केचप तैयार किया जा रहा था। इस नकली उत्पाद को ‘स्नेक टचअप’ के नाम से पांच-पांच किलो के डिब्बों में पैक करके महज 105 रुपये प्रति डिब्बे की दर से खुलेआम बाजार में बेचा जा रहा था।
आलू के पाउडर, स्टार्च और खतरनाक रसायनों से तैयार हो रहा था नकली केचप
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, इस नकली सॉस को बनाने के लिए स्वास्थ्य के लिए हानिकारक घटकों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा था। टमाटर की जगह केचप तैयार करने के लिए मुख्य रूप से आलू का पाउडर, स्टार्च, पानी, कृत्रिम रंग, एसिटिक एसिड और अन्य रासायनिक पदार्थों को मिलाया जा रहा था। अहमदाबाद नगर निगम के फूड सेफ्टी ऑफिसर अमित पटेल ने मीडिया को जानकारी दी कि इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत एक लारी से मिले संदिग्ध केचप के डिब्बे से हुई थी। डिब्बे पर अंकित पते के आधार पर जब टीम मौके पर पहुँची, तो वह परिसर खाली मिला। इसके बाद अधिकारियों ने अपनी पैनी नजर रखते हुए लंबी तलाश के बाद इस अवैध फैक्ट्री का आखिरकार दूसरा ठिकाना ढूंढ निकाला। शुरुआती जाँच में यह बात सामने आई है कि संचालक पिछले पांच से छह महीनों से इस तरह के खतरनाक उत्पाद का निर्माण कर रहे थे।
पेट के अल्सर से लेकर कैंसर तक का हो सकता है बड़ा खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और फूड सेफ्टी अधिकारियों ने इस संदिग्ध और मिलावटी केचप को इंसानी शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक करार दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के रसायनों और घटिया सामग्री से बने उत्पाद का सेवन करने से पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियां, अल्सर और यहाँ तक कि कैंसर जैसी जानलेवा स्वास्थ्य समस्याएं होने का बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। हालांकि, उत्पाद में मिलाई गई वास्तविक सामग्री और उससे होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों की वैज्ञानिक पुष्टि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
लैब रिपोर्ट के आधार पर फैक्ट्री संचालकों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
नगर निगम की टीम ने मौके से जब्त किए गए संदिग्ध केचप के सभी नमूने एकत्र कर उन्हें विधिवत प्रयोगशाला में जाँच के लिए भेज दिए हैं। इन सैंपल्स की जाँच से यह साफ हो जाएगा कि इसमें कौन-कौन से रसायन और सामग्रियां मिलाई गई थीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लैब की रिपोर्ट हाथ आते ही फैक्ट्री के संचालकों और इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। त्योहारी सीजन के ठीक पहले इस तरह के गोरखधंधे के बेनकाब होने से एक बार फिर खाद्य पदार्थों की शुद्धता और आम जनता की सेहत की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
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