HomeBreaking Newsदिल्ली के सत्य निकेतन हादसे पर हाई कोर्ट सख्त, अधिकारियों को लगाई...

दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे पर हाई कोर्ट सख्त, अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार

दिल्ली के सत्य निकेतन(Satya Niketan) में PG की इमारत गिरने से पांच छात्रों की मौत के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने अधिकारियों के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने कहा कि इस घटना को केवल एक आम हादसे के रूप में नहीं देखा जा सकता। कोर्ट ने कहा कि, छात्र छोटे शहरों से पढ़ाई और बेहतर करियर की उम्मीद लेकर दिल्ली पहुंचे थे लेकिन घटना में उनकी जान चली गई।

मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने एक नई जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। अदालत ने केंद्र की ओर से पेश एएसजी चेतन शर्मा से हादसे से संबंधित मीडिया रिपोर्ट को पूरी तरह पढ़ने को कहा।

सुरक्षित आवास को लेकर सवाल

आपको बता दें कि कोर्ट ने दिल्ली में छात्रों के लिए सुरक्षित और उचित आवास की कमी का मुद्दा भी उठाया। अदालत ने कहा कि पिछले दो से ढाई दशकों से देश के विभिन्न हिस्सों से छात्र उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली आते रहे हैं। ऐसे में उनके रहने के लिए पर्याप्त और सुरक्षित व्यवस्था करना जरूरी है।

याचिकाकर्ता की ओर से MCD के लिए एक ऑनलाइन हॉस्टल प्लेटफॉर्म बनाने का सुझाव दिया गया है। इसमें अलग-अलग इलाकों में उपलब्ध हॉस्टल, उनकी उपलब्धता और जरूरी सुविधाओं की जानकारी एक जगह मिल सकेगी।

सरकार ने बताई अपनी तैयारी

केंद्र की ओर से एएसजी चेतन शर्मा ने बताया कि कई जमीनों और इमारतों की मैपिंग कर उन्हें चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर पानी, बिजली और वाई-फाई जैसी सुविधाओं की उपलब्धता भी जांची गई है। हालांकि, कोर्ट ने अधिकारियों से कागजी रिकॉर्ड के साथ जमीनी हालात पर भी ध्यान देने को कहा।

25 सितंबर को होगी सुनवाई

हाई कोर्ट ने इस याचिका को इसी विषय से जुड़ी अन्य जनहित याचिकाओं के साथ जोड़ दिया है। इन सभी मामलों पर अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी। अदालत पहले भी MCD को छात्र सुरक्षा से जुड़े तरीकों को और भी मजबूत करने और हादसे वाली इमारत के निर्माण की अनुमति की जांच करने का निर्देश दे चुकी है।

यह भी पढ़ें : PM मोदी के जन्मदिन पर राष्ट्रपति मुर्मू से विपक्ष तक ने दी बधाई, अमित शाह,राजनाथ सिंह…

RELATED ARTICLES

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments