केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान को डाक के जरिए डाक से एक गुमनाम धमकी भरा पत्र मिला है। इस पत्र में चेतावनी दी गई है कि उन्हें जल्द ही “कट्टरपंथियों या आतंकवादियों” द्वारा मार दिया जाएगा। इस पत्र में दो मोबाइल नंबर भी लिखे हुए हैं। घटना के सामने आते ही केंद्रीय मंत्री के कार्यालय ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर मामले की त्वरित और गहन जांच की मांग की है।
गृह सचिव से सुरक्षा समीक्षा की अपील
केंद्रीय मंत्री के अतिरिक्त निजी सचिव आलोक कुमार ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर इस मामले को बेहद गंभीर बताया है। पत्र में कहा गया है कि चिराग पासवान को पहले से ही गृह मंत्रालय द्वारा ‘जेड’ (Z) श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। धमकी मिलने के बाद उनकी मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और आगामी सार्वजनिक कार्यक्रमों को देखते हुए आवश्यकतानुसार सुरक्षा को और मजबूत करने का अनुरोध किया गया है।
धमकी भरे पत्र की मूल प्रति गृह मंत्रालय को सौंपी गई
चिराग पासवान के कार्यालय ने जांच के लिए धमकी भरे पत्र की मूल प्रति अधिकारियों को सौंप दी है। गृह सचिव को भेजे गए पत्र में स्पष्ट लिखा गया है कि धमकी का सीधा तरीका और “कट्टर आतंकवादियों” का जिक्र बेहद चिंताजनक है। इससे मंत्री की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंकाएं पैदा हो रही हैं। गृह मंत्रालय से मांग की गई है कि इस धमकी की उत्पत्ति, प्रामाणिकता और इसके पीछे की परिस्थितियों की बिना किसी देरी के जांच शुरू की जाए।
सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश
इस पूरे मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता और तात्कालिकता के आधार पर सुलझाने का आग्रह किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पत्र में शामिल मोबाइल नंबरों और डाक के मूल स्रोत की जांच की जा रही है। चिराग पासवान के सार्वजनिक कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और धमकी के पीछे शामिल लोगों का पता लगाने के लिए आगे की कार्रवाई जारी है।
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