राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने झारखंड(Jharkhand) के कोडरमा जिले में विस्फोटकों के अवैध भंडारण और परिवहन से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महेश मेहता और शंकर यादव के रूप में हुई है। एजेंसी का कहना है कि दोनों विस्फोटकों को गैरकानूनी तरीके से जमा करने और उन्हें नेटवर्क के अन्य लोगों तक पहुंचाने में शामिल थे।
एनआईए ने कोडरमा जिले के चार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान 1662 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, पांच डिजिटल डिवाइस और 16 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह बरामदगी अवैध विस्फोटक नेटवर्क की गतिविधियों को उजागर करने में अहम साबित हो सकती है।
आम लोगों की सुरक्षा पर मंडरा रहा था खतरा
जांच में पता चला कि विस्फोटकों को बिना किसी वैध लाइसेंस के हासिल किया जा रहा था। इसके बाद उन्हें गुप्त तरीके से अलग-अलग स्थानों पर रखा और एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जा रहा था। एनआईए के मुताबिक, विस्फोटकों को सुरक्षित मानकों का पालन किए बिना रखा और ले जाया जा रहा था जिससे आसपास के लोगों की जान-माल को गंभीर खतरा हो सकता था।
यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल के साल्टोरा इलाके में वर्ष 2024 में हुए मोटरसाइकिल विस्फोट से जुड़े मामले की जांच के दौरान की गई है। उस हादसे में विस्फोटकों के अवैध परिवहन के दौरान जॉयदेब मंडल उर्फ बबलू मंडल की मौत हो गई थी। इसी घटना के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और पूरे नेटवर्क की पड़ताल शुरू हुई। एनआईए ने अक्टूबर 2024 में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। इससे पहले तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है।
जांच अभी जारी
फिलहाल एनआईए यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोटकों का स्रोत क्या था और इन्हें किन लोगों या स्थानों तक पहुंचाया जाना था। एजेंसी का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।