उत्तर प्रदेश की राजनीति में अमेठी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह और विनोद चतुर्वेदी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। तीनों नेताओं ने स्मृति ईरानी और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली। इस मौके पर अभय सिंह ने समाजवादी पार्टी छोड़ने की वजह बताते हुए उसके कामकाज और नीतियों पर कई सवाल उठाए। उन्होंने सपा पर सनातन विरोधी आचरण, सरकारी भर्तियों में भेदभाव और चापलूसी को बढ़ावा देने जैसे आरोप लगाए। भाजपा में शामिल होने के बाद मंच से संबोधित करते हुए अभय सिंह ने भारत माता की जय के नारे के साथ अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा कि सपा में रहते हुए पार्टी के आचरण और फैसलों को लेकर उनके मन में सवाल उठे। उनके संबोधन में राज्यसभा चुनाव, दिल्ली में चल रहे आंदोलन, नौकरी घोटालों और अयोध्या के 2024 लोकसभा चुनाव का भी जिक्र रहा।
सपा पर सनातन विरोधी आचरण का आरोप
अभय सिंह ने समाजवादी पार्टी पर सनातन परंपराओं के प्रति विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने रामचरितमानस से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी में ऐसे काम हुए, जो उनकी नजर में सनातन संस्कृति के खिलाफ थे। उन्होंने सरकारी भर्तियों को लेकर भी सपा पर निशाना साधा। अभय सिंह का दावा था कि पार्टी की सरकार के दौरान भर्ती प्रक्रिया में पक्षपात होता था और नौकरी पाने के लिए योग्यता के बजाय चापलूसी को महत्व दिया जाता था। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में भेदभाव नहीं है। ये आरोप अभय सिंह ने भाजपा में शामिल होने के बाद अपने भाषण में लगाए।
आंदोलन की फंडिंग और नौकरी घोटालों पर भी बोले
अपने संबोधन में अभय सिंह ने दिल्ली में चल रहे आंदोलन को लेकर भी दावा किया कि इसे विदेशी फंडिंग के लिए चलाया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने अपने इस आरोप के समर्थन में कोई विस्तृत प्रमाण पेश नहीं किया। नौकरी घोटालों पर उन्होंने कहा कि जिन मामलों में अनियमितताएं हुई हैं, उनमें गिरफ्तारियां की जा रही हैं। राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने सपा के उम्मीदवारों और भाजपा के फैसलों की तुलना की। अभय सिंह ने दावा किया कि भाजपा ने अलग-अलग दलों के लोगों को आगे बढ़ाने का काम किया, जबकि सपा ने अपने स्तर पर अलग तरह के फैसले लिए।
अयोध्या चुनाव को लेकर किया बड़ा दावा
अभय सिंह ने 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि अयोध्या की जनता को बरगलाकर चुनावी नतीजे प्रभावित किए गए। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में अयोध्या के मतदाता इसका जवाब बड़े अंतर से देंगे। हालांकि, यह उनका राजनीतिक दावा है। अपने भाषण के अंत में अभय सिंह ने जय श्री राम का नारा लगाया। भाजपा में तीनों नेताओं के शामिल होने के दौरान स्मृति ईरानी और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी मौजूद रहे। कार्यक्रम में अभय सिंह के बयान ने सपा और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को एक बार फिर चर्चा में ला दिया।
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