उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बीजेपी ने संगठन स्तर पर अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और सरकार के साथ मंथन के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और यूपी प्रभारी विनोद तावड़े 17 और 18 सितंबर को गोरखपुर में रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र से शुरू हो रहे इस दौरे में वह गोरख क्षेत्र की 62 विधानसभा सीटों के संगठन और राजनीतिक हालात का फीडबैक लेंगे।
12 जिलों के पदाधिकारियों से अलग-अलग बैठकें
विनोद तावड़े का दौरा केवल एक संयुक्त बैठक तक सीमित नहीं रहेगा। पहले दिन सहजनवा विधानसभा क्षेत्र के राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय/अटल आवासीय विद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ और मिष्ठान वितरण कार्यक्रम में वह शामिल होंगे। इसके बाद रात्रि विश्राम करेंगे। 18 सितंबर को क्षेत्रीय कार्यालय में गोरक्ष क्षेत्र के 12 संगठनात्मक जिलों के पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों, जिला महामंत्रियों, समिति सदस्यों और क्षेत्र में रहने वाले प्रदेश पदाधिकारियों के साथ संवाद होगा। इसके अलावा विधायक और एमएलसी, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व महापौर और स्थानीय निकायों के पूर्व अध्यक्षों से भी अलग-अलग चर्चा की जाएगी।
जनप्रतिनिधियों और मीडिया टीम से भी लेंगे रिपोर्ट
बैठकों में विधायकों और MLC के कामकाज, स्थानीय स्तर की समस्याओं और संगठन के साथ तालमेल से जुड़ा फीडबैक लिया जाएगा। तावड़े क्षेत्रीय और जिला स्तर के मीडिया और सोशल मीडिया प्रभारियों से भी बात करेंगे। बूथ से लेकर विधानसभा और जिला स्तर तक पार्टी की गतिविधियों की जानकारी जुटाने पर जोर रहेगा। बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे में गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, मऊ और बलिया समेत 12 जिले शामिल हैं।
2022 के प्रदर्शन और 2024 के झटकों पर नजर
2022 में गोरक्ष क्षेत्र की 62 विधानसभा सीटों में एनडीए ने 46 सीटें जीती थीं। इनमें बीजेपी की 42 और निषाद पार्टी की 4 सीटें शामिल थीं। सपा को 12 और उसकी तत्कालीन सहयोगी सुभासपा को 4 सीटें मिली थीं। गोरखपुर जिले की सभी 9 सीटें बीजेपी ने जीती थीं, जबकि आजमगढ़ और मऊ क्षेत्र में पार्टी को चुनौती मिली थी। आजमगढ़ की सभी 10 विधानसभा सीटों पर सपा की जीत हुई थी। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद बीजेपी अब कमजोर बूथों और सीटों की समीक्षा कर रही है। पार्टी 2027 से पहले बूथ स्तर पर संगठन, जनप्रतिनिधियों के प्रदर्शन और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों का फीडबैक जुटा रही है। सुभासपा के अब एनडीए में होने से समीकरण भी बदले हैं। विनोद तावड़े के गोरखपुर दौरे को इसी संगठनात्मक समीक्षा और चुनावी तैयारी की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
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