उत्तराखंड में काठगोदाम से नैनीताल और कैंची धाम(Kainchi Dham) को जोड़ने वाली प्रस्तावित रोपवे परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। इसी को लेकर हल्द्वानी में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव ऊर्जा, नियोजन, सिंचाई एवं लघु सिंचाई आर. मीनाक्षी सुंदरम ने की। अधिकारियों ने प्रोजेक्ट से जुड़े जरूरी पहलुओं पर चर्चा करते हुए आगे की प्रक्रिया जल्द पूरी करने पर जोर दिया।
प्रस्तावित नेटवर्क में काठगोदाम और ज्योलीकोट के साथ कैंची धाम को भी जोड़े जाने की योजना है। इससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यात्रा का एक वैकल्पिक साधन मिल सकता है। लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या को देखते हुए इस कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रोपवे शुरू होने के बाद पहाड़ी रास्तों पर सड़क यात्रा पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
रेलवे स्टेशन से सीधे मिलेगी कनेक्टिविटी
यात्रियों की सुविधा के लिए काठगोदाम रेलवे स्टेशन से रोडवेज परिसर तक करीब 250 मीटर लंबा फुट ओवर ब्रिज बनाने पर भी विचार किया गया है। इसके जरिए रेलवे स्टेशन और प्रस्तावित रोपवे स्टेशन के बीच बेहतर पैदल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा सकेगा। साथ ही काठगोदाम और आसपास पार्किंग की सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
14.9 KM का होगा रोपवे
काठगोदाम-नैनीताल रोपवे में पांच स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें काठगोदाम, रानीबाग, भुजियाघाट, ज्योलीकोट और हनुमानगढ़ी शामिल हैं। पूरे प्रोजेक्ट की लंबाई लगभग 14.9 किलोमीटर होगी और करीब 58 टावर बनाए जाने की योजना है। परियोजना में बड़ी संख्या में यात्रियों को प्रति घंटे सफर कराने की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
375 रुपये प्रस्तावित है किराया
एनएचएलएमएल के प्रोजेक्ट मैनेजर के अनुसार, रानीबाग से हनुमानगढ़ी तक एक तरफ का प्रस्तावित किराया करीब 375 रुपये प्रति व्यक्ति हो सकता है। रोपवे की अनुमानित क्षमता लगभग 18 हजार यात्री प्रति घंटे बताई गई है। हालांकि, किराया और अन्य व्यवस्थाएं अभी अंतिम नहीं हैं। प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने से पहले जरूरी तकनीकी अध्ययन किया जाएगा।
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