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11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान, चार दिनों तक ठप रह सकती हैं बैंकिंग सेवाएं

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) ने 11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया है। यदि यह हड़ताल होती है, तो देश के कई हिस्सों में, खासकर सरकारी बैंकों में, सेवाएं लगातार चार दिनों तक प्रभावित हो सकती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि 11 सितंबर को शुक्रवार के बाद 12 और 13 सितंबर को सप्ताहांत के कारण बैंक बंद रहेंगे, जबकि 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के अवसर पर कई राज्यों में बैंकों में अवकाश रहेगा।

मांगें न मानने पर हड़ताल की चेतावनी

सात बैंक कर्मचारी और अधिकारी यूनियनों के शीर्ष संगठन UFBU ने अपनी मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। संगठन ने 28 सितंबर से तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है, जो छमाही बंदी के समय के साथ मेल खाएगी। इसके अलावा, यदि सरकार और बैंक प्रबंधन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देते हैं, तो यूनियनों ने 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला भी किया है।

5-दिवसीय बैंकिंग का प्रस्ताव दो साल से लंबित

ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC) के महासचिव रूपम रॉय ने बताया कि 8 मार्च 2024 को हस्ताक्षरित 12वें द्विपक्षीय समझौते/9वें संयुक्त नोट के तहत भारतीय बैंक संघ (IBA) सोमवार से शुक्रवार तक कार्य समय में 40 मिनट की बढ़ोतरी के साथ 5-दिवसीय बैंकिंग लागू करने पर सहमत हुआ था। इस प्रस्ताव को सरकार के पास भेजा गया था, लेकिन यह पिछले दो वर्षों से अधिक समय से लंबित पड़ा हुआ है।

परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना का विरोध

ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन (AIBEA) के महासचिव सी.एच. वेंकटचलम के अनुसार, यूनियनें स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए सरकार की पीएलआई (PLI) योजना का कड़ा विरोध कर रही हैं। सरकार की योजना के तहत उच्च अधिकारियों को उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर 365 दिनों तक के मूल वेतन का पीएलआई मिल सकता है, जबकि सामान्य कर्मचारियों और स्केल III तक के अधिकारियों के लिए यह अधिकतम 15 दिनों के मूल वेतन और महंगाई भत्ते तक सीमित है। यूनियनों का कहना है कि यह व्यवस्था IBA के साथ हुए उस समझौते का उल्लंघन करती है, जिसमें बैंकों के समग्र प्रदर्शन के आधार पर सभी कैडर के लिए समान प्रोत्साहन देने की बात कही गई थी।

पेंशन सुधार और पुरानी पेंशन योजना की मांग

पीएलआई का मुद्दा वर्तमान में मुख्य श्रम आयुक्त (CLC) के समक्ष मध्यस्थता में है और दिल्ली उच्च न्यायालय में भी लंबित है। इसके बावजूद वित्तीय सेवा विभाग (DFS) द्वारा बैंकों को इस योजना को लागू करने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त, बैंक कर्मचारियों की अन्य प्रमुख मांगों में पेंशन का अद्यतनीकरण व सुधार, सभी पेंशनभोगियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला, और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में स्विच करने का विकल्प देना शामिल है।

 

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