जम्मू-कश्मीर के राजौरी(Rajouri) स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) में एक प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका के परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने दो स्वास्थ्यकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है जबकि पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए नई समिति का गठन किया गया है। जानकारी के मुताबिक, कोटरंका क्षेत्र की रहने वाली नुसरत जहां, पत्नी मोहम्मद अशरफ, ने शुक्रवार को GMC राजौरी में एक बच्चे को जन्म दिया था।
परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद महिला को अस्पताल में एक इंजेक्शन दिया गया जिसके कुछ समय बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी और स्वास्थ्य तेजी से खराब होता गया। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने महिला को गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भर्ती कर दिया। वहां उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखकर लगातार निगरानी में उपचार दिया गया। हालांकि चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद महिला की हालत में सुधार नहीं हो सका और सोमवार सुबह उसने दम तोड़ दिया।
परिजन कर रहे कार्रवाई की मांग
महिला की मौत की खबर मिलते ही उसके परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। घटना को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। कुछ समय के लिए अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल भी बना रहा।
परिजनों का कहना है कि यदि समय पर उचित चिकित्सा देखभाल और सावधानी बरती जाती तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उपचार प्रक्रिया में गंभीर चूक हुई है जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की गई है।
जांच के लिए नई समिति गठित
घटना के बाद जीएमसी राजौरी प्रशासन हरकत में आया है। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. ए.एस. भाटिया ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन की ओर से गठित नई जांच समिति उपचार से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करेगी।
समिति यह पता लगाएगी कि महिला को अस्पताल में कौन-कौन सी दवाएं और इंजेक्शन दिए गए थे उनका उद्देश्य क्या था तथा उपचार के दौरान निर्धारित मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दो कर्मचारी निलंबित
अस्पताल प्रशासन ने जांच पूरी होने तक एहतियातन दो स्वास्थ्यकर्मियों को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और परिजन जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, ताकि महिला की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके।