प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागरिकों से अपील की कि वे ईंधन बचाएं और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें, वर्क फ्रॉम होम को फिर से शुरू करें गैर-ज़रूरी चीज़ें खरीदने और विदेश में छुट्टियां मनाने से बचें, ताकि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से पैदा हुए वैश्विक संकट से निपटने के लिए विदेशी मुद्रा बचाई जा सके।
सिकंदराबाद के परेड ग्राउंड में BJP द्वारा आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भारत को वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल, सप्लाई चेन की चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण बढ़ती कीमतों का सामना करने में मदद करने के लिए सामूहिक भागीदारी का आह्वान किया।
सामूहिक भागीदारी का आह्वान
देश को इन चुनौतियों से उबरने में मदद करने के लिए नागरिकों को कई उपाय सुझाते हुए, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि देशभक्ति का मतलब सिर्फ़ देश के लिए अपनी जान कुर्बान करना ही नहीं है, बल्कि मुश्किल समय में ज़िम्मेदारी से जीना और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाना भी है।
PM मोदी ने कहा कि मौजूदा हालात में, देश को विदेशी मुद्रा बचाने पर भी बहुत ज़्यादा ज़ोर देना चाहिए। उन्होंने कहा, “चूंकि पूरी दुनिया में पेट्रोल और डीज़ल बहुत ज़्यादा महंगे हो गए हैं, इसलिए यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम ईंधन बचाएं और इस तरह पेट्रोल और डीज़ल खरीदने पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा को भी बचाएं।”
Breaking:
Amid global energy crisis, PM Modi calls for reducing petrol, diesel consumption through public transport, car-pooling, EVs.
Asks citizens to avoid foreign tourism, non-essential gold purchases, revival of WFH;
Urges farmers to cut chemical fertilisers use by 50% pic.twitter.com/Wp5r8BZdny
— Sidhant Sibal (@sidhant) May 10, 2026
पेट्रोल और डीज़ल की खपत कम करें: PM मोदी
उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे जहां भी उपलब्ध हो मेट्रो रेल और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करके पेट्रोल और डीज़ल की खपत कम करें, जब निजी वाहनों का इस्तेमाल ज़रूरी हो, तो कार-पूलिंग का विकल्प चुनेंसामान की आवाजाही के लिए रेल परिवहन को प्राथमिकता दें, और जहां भी संभव हो वहा इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाएं।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय हित में कोविड-काल के दौरान अपनाए गए कार्य-कुशलता के उपायों को फिर से शुरू करने का भी आह्वान किया, जिनमें वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था, ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस और वर्चुअल मीटिंग शामिल हैं।
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