गुरुग्राम में बिजली संकट ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शहर के कई रिहायशी इलाकों में गुरुवार आधी रात से बिजली आपूर्ति बाधित है। रात करीब 10 से 12 बजे के बीच लोगों को कुछ समय के लिए राहत मिली, लेकिन इसके बाद फिर बिजली गुल हो गई। लगातार हो रही कटौती के कारण लोगों को रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। सुबह होते ही पानी की समस्या भी सामने आने लगी, जिससे घरों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं।
सेक्टरों से कॉलोनियों तक बिजली सप्लाई प्रभावित
शहर के कई घनी आबादी वाले इलाकों से लगातार बिजली कटौती की शिकायतें मिल रही हैं। इनमें सब-डिवीजन सेक्टर-2 के ब्लॉक-बी, अशोक विहार फेज-2 और फेज-3, सेक्टर-4, सेक्टर-5, दयानंद कॉलोनी, भीमगढ़ खेड़ी, पालम विहार सब-डिवीजन, सेक्टर-23, राजेंद्र पार्क, रतन विहार, विष्णु गार्डन और सेक्टर-105 शामिल हैं। लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से घरेलू कामकाज प्रभावित हुआ है। पानी की आपूर्ति पर भी इसका असर पड़ा, जिसके चलते लोगों को सुबह दैनिक जरूरतें पूरी करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली संकट केवल शहरी इलाकों तक सीमित नहीं है। सोहना और फरुखनगर तहसीलों के कई गांवों और कॉलोनियों में भी आपूर्ति बाधित रहने की शिकायतें सामने आई हैं।
सात घंटे में 5,500 से ज्यादा शिकायतें
बिजली संकट का अंदाजा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के टोल-फ्री नंबर पर दर्ज शिकायतों से लगाया जा सकता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रात 12 बजे से सुबह 7 बजे के बीच 5,500 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। शिकायतों की बड़ी संख्या के कारण लोगों को अपनी समस्या दर्ज कराने और समाधान मिलने को लेकर भी परेशानी हो रही है। इस स्थिति ने बिजली निगम की तैयारियों और शिकायत निवारण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों की हड़ताल की पूर्व सूचना होने के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था कितनी प्रभावी रही, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बिजली आपूर्ति बाधित रहने का सीधा असर शहर के लाखों नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है।
DC ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
बिजली संकट के बीच गुरुग्राम के उपायुक्त (DC) ने नागरिकों की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिजली आपूर्ति में रुकावट, तकनीकी खराबी या पावर कट से जुड़ी समस्या की जानकारी निर्धारित माध्यमों से दें। बिजली संबंधी शिकायतों के लिए नागरिक 1912 या 1800-180-4334 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, WhatsApp के जरिए शिकायत दर्ज कराने के लिए 8813999708 और 9540954768 नंबर जारी किए गए हैं। अब लोगों को बिजली निगम और प्रशासन से राहत मिलने का इंतजार है।
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