उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में नाबालिग लड़की के धर्मांतरण, जबरन निकाह और यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने एक पूर्व में फतेहपुर कोतवाली में तैनात रहे सिपाही समेत चार नामजद और आठ अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मां की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
पीड़िता की मां ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में फतेहपुर कोतवाली में तैनात रहे कांस्टेबल आसिफ ने उनकी नाबालिग बेटी से संपर्क किया। शिकायत के अनुसार, फोन पर बातचीत के बाद आरोपी ने लड़की को आर्थिक मदद का लालच देकर उसका ब्रेनवॉश किया और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया। महिला का आरोप है कि बाद में सऊदी अरब में रहने वाले जावेद से लड़की का संपर्क कराया गया। इसके बाद उसे अन्य लोगों के जरिए मसौली क्षेत्र स्थित एक मजार पर ले जाया गया, जहां वाहन के अंदर ही मौलाना की मौजूदगी में निकाह कराया गया।
यौन उत्पीड़न का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि निकाह के बाद जावेद ने नाबालिग का लगातार यौन उत्पीड़न किया। महिला के अनुसार, इस दौरान युवती गर्भवती हुई और उसका दो बार गर्भपात कराया गया। साथ ही उसे एक विशेष धर्म से जुड़े धार्मिक ग्रंथ पढ़ने और उसी धर्म को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। पीड़िता की मां ने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में कई लोग संगठित तरीके से शामिल हैं और शिकायत करने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं।
जांच में जुटी पुलिस
फतेहपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अमित प्रताप सिंह ने बताया कि पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर चार नामजद और आठ अन्य आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
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