सोना आज 1870 रुपये महंगा होकर ₹1,54,140 प्रति ग्राम पहुंच गया। ऐसे में संयुक्त अरब अमीरात (UAE), खासकर दुबई, को दुनिया में सबसे सस्ता सोना खरीदने की जगह माना जाता है। इसके अलावा हांगकांग, स्विट्जरलैंड और सिंगापुर भी कम कीमत वाले गोल्ड मार्केट के लिए मशहूर हैं। वहीं भारत और चीन जैसे देशों में सोना सबसे महंगा बिक रहा है। इसकी बड़ी वजह भारी आयात शुल्क, टैक्स और लगातार बढ़ती मांग है।
दुबई में क्यों सस्ता मिलता है सोना?
दुबई में सोने पर न तो वैट लगता है और न ही आयात शुल्क, इसी वजह से वहां गोल्ड की कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्पॉट रेट के बेहद करीब रहती हैं। दुबई का मशहूर “गोल्ड सूक” सरकारी निगरानी में चलता है, जिससे पारदर्शिता भी बनी रहती है। हांगकांग में भी गोल्ड पर कोई सेल्स टैक्स या वैट नहीं लगाया जाता। वहीं स्विट्जरलैंड और सिंगापुर निवेश के उद्देश्य से खरीदे जाने वाले गोल्ड यानी “इन्वेस्टमेंट गोल्ड” पर टैक्स नहीं लेते।
भारत में क्यों महंगा हो गया सोना?
भारत में सोने की कीमतों में तेजी का सबसे बड़ा कारण बढ़ा हुआ आयात शुल्क है। 13 मई 2026 से केंद्र सरकार ने गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी है, जो पहले 6 फीसदी थी। इसके अलावा सोने की खरीद पर 3 फीसदी जीएसटी भी लगाया जाता है। यहीं नहीं, ज्वैलरी खरीदने पर मेकिंग चार्ज भी देना पड़ता है, जो 10 से 25 फीसदी तक हो सकता है। इन सभी टैक्स और चार्जेज के कारण भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत 13 मई 2026 को करीब 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई।
चीन और भारत में मांग सबसे ज्यादा
भारत और चीन दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड उपभोक्ता देशों में शामिल हैं। दोनों देशों में शादी-ब्याह, धार्मिक परंपराओं और निवेश के चलते सोने की भारी मांग रहती है। इस मांग को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर सोना आयात किया जाता है, जिससे कीमतें और बढ़ जाती हैं।
इन देशों में सोने का नहीं है ज्यादा क्रेज
जापान, स्वीडन, नॉर्वे और डेनमार्क जैसे देशों में गोल्ड ज्वैलरी को लेकर ज्यादा आकर्षण नहीं देखा जाता। इन देशों में लोग हीरे और प्लेटिनम को प्राथमिकता देते हैं। खासतौर पर स्कैंडिनेवियाई देशों में दिखावे से बचने की संस्कृति के कारण सोने की ज्वैलरी का चलन बेहद कम है।
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