उत्तर प्रदेश में बुधवार देर शाम आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई। प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं, बिजली गिरने और मकान-दीवार ढहने की घटनाओं में अब तक 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
मौसम के अचानक बदले मिजाज ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। राजधानी लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी, रायबरेली, प्रयागराज, फतेहपुर और आसपास के जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आईं। कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर पड़े और कच्चे मकान ढह गए।
सबसे ज्यादा हादसे पेड़ गिरने और दीवार ढहने की वजह से हुए। कई लोग अपने घरों में सो रहे थे, तभी तेज तूफान के कारण दीवार गिर गई और लोग मलबे में दब गए। वहीं खेतों और खुले इलाकों में मौजूद लोगों पर बिजली गिरने की भी घटनाएं सामने आई हैं।
तूफान की वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। हजारों गांव और मोहल्ले घंटों अंधेरे में डूबे रहे। कई जगह सड़कें बंद हो गईं, जिससे राहत कार्यों में भी परेशानी आई। प्रशासन और आपदा राहत टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए अधिकारियों को तुरंत राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है। साथ ही घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाने की बात कही गई है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और पेड़ों या खुले मैदानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
प्रदेश में आए इस भीषण तूफान ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

