दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) के एक संयुक्त ऑपरेशन में 26 साल के हुज़ैफ़ा फ़ारूक़ अहमद हाशमी को मुंबई के पास भायंदर से गिरफ़्तार किया गया। उस पर पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज़ इंटेलिजेंस (ISI) और मुंबई के अंडरवर्ल्ड से जुड़े एक कथित आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा होने का आरोप है। जाँचकर्ताओं का दावा है कि यह मामला एक बड़ी साज़िश का हिस्सा है, जिसमें पाकिस्तान में बैठे हैंडलर और भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के साथी शामिल हैं।
#WATCH | Lieutenant Of ISI-Underworld Terror Module Arrested; Probe Reveals Huzaifa Was In Contact With Pakistan-Based Handler
Reported by @Aashish_Singh_N #IndiaNews #Maharashtra pic.twitter.com/O1V5EAg8cE
— Free Press Journal (@fpjindia) June 3, 2026
जाँच से पता चला है कि यह मॉड्यूल एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय कमांड चेन के तहत काम कर रहा था। जाँचकर्ताओं का दावा है कि हुज़ैफ़ा, सैयद मुदस्सर हुसैन उर्फ़ मुन्ना झिंगाड़ा के साथ सीधे और सक्रिय संपर्क में था। मुन्ना झिंगाड़ा, दाऊद इब्राहिम का एक कुख्यात और करीबी साथी है, जो दशकों से पाकिस्तान में सुरक्षित ठिकानों से अपना काम चला रहा है। आरोप है कि झिंगाड़ा इस घरेलू सेल के लिए एक मुख्य हैंडलर के तौर पर काम कर रहा था, और पहले से गिरफ़्तार किए गए संदिग्धों के साथ मिलकर ऑपरेशन और लॉजिस्टिक्स का तालमेल बिठा रहा था।
कोर्ट ने ट्रांज़िट रिमांड मंज़ूर की
गिरफ़्तारी के बाद हुज़ैफ़ा को ठाणे की एक अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने कथित तौर पर आरोपी से पूछा कि क्या उसे अपनी गिरफ़्तारी की वजह पता है? इस पर उसने जवाब दिया कि उसे अपनी गिरफ़्तारी की वजह पता है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने महाराष्ट्र ATS की मदद से, हुज़ैफ़ा को दिल्ली ले जाने और राष्ट्रीय राजधानी में पटियाला हाउस कोर्ट के सामने पेश करने के लिए ट्रांज़िट रिमांड की मांग की। जाँचकर्ताओं ने अदालत के सामने आरोपी की चैट और बैंकिंग लेन-देन के स्क्रीनशॉट भी पेश किए, और आगे की जाँच के लिए उसकी हिरासत मांगी। दलीलें सुनने के बाद अदालत ने 5 जून तक के लिए ट्रांज़िट रिमांड मंज़ूर कर ली, जिससे पुलिस को आरोपी को आगे की कार्यवाही के लिए दिल्ली ले जाने की अनुमति मिल गई।
पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से कथित निर्देश
जाँच से पता चला कि हुज़ैफ़ा कथित तौर पर मुन्ना झिंगाड़ा के निर्देश पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर यावर खान के साथ कई महीनों से संपर्क में था। एजेंसियों का दावा है कि खान ने हुज़ैफ़ा को उसके साथ आरोपी साजिद शेख और तौक़ीर शेख के साथ मिलकर, जल्द से जल्द दिल्ली पहुँचने और सक्रिय होने का निर्देश दिया था। आरोप है कि इन तीनों को बताया गया था कि राष्ट्रीय राजधानी में एक हाई-प्रोफ़ाइल व्यक्ति की पहचान ग्रेनेड हमले के लिए एक लक्ष्य के तौर पर की गई है।
जांच के मुताबिक, हुज़ैफ़ा ने कथित तौर पर साजिद शेख और तौकीर के QR कोड की जानकारी शहज़ाद भट्टी के साथ शेयर की थी। अधिकारियों का दावा है कि कुछ ही दिनों के अंदर, साजिद को 25,000 रुपये मिले, जबकि तौकीर के खाते में नेटवर्क से जुड़े सूत्रों से लगभग 9,000 रुपये आए।
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