Tuesday, February 10, 2026
Homeराज्यउत्तराखण्डUttrakhand : केदारनाथ के अलावा 48 जगहों पर गैर हिंदुओं की एंट्री...

Uttrakhand : केदारनाथ के अलावा 48 जगहों पर गैर हिंदुओं की एंट्री पर लगेगी रोक, बड़े एक्शन की तैयारी में धामी सरकार

केदारनाथ मंदिर और उनसे जुड़े प्रमुख तीर्थ स्थलों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि बदरीनाथ और केदारनाथ जैसे धाम किसी पर्यटन स्थल की तरह नहीं, बल्कि सनातन धर्म के सर्वोच्च आध्यात्मिक केंद्र हैं, जहां प्रवेश को नागरिक अधिकार नहीं, बल्कि धार्मिक परंपरा के रूप में देखा जाना चाहिए।

संत समाज की परंपरागत मान्यता का हवाला

हेमंत द्विवेदी ने कहा किया कि संत समाज और प्रमुख धार्मिक गुरुओं की लंबे समय से यही मान्यता रही है कि इन पवित्र स्थलों में गैर-हिंदुओं का प्रवेश नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, चारधाम साधना और आस्था के केंद्र हैं और इन्हें सामान्य पर्यटन दृष्टि से देखना सनातन परंपराओं के खिलाफ है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिया बयान

इस प्रस्ताव पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के तीर्थ स्थलों का संचालन करने वाली संस्थाएं जो भी निर्णय लेंगी, राज्य सरकार उसी के अनुरूप आवश्यक कदम उठाएगी। इससे संकेत मिलते हैं कि सरकार मंदिर समितियों की राय को गंभीरता से ले सकती है।

48 प्रमुख मंदिर और धार्मिक स्थल प्रस्ताव में शामिल

BKTC के प्रस्ताव में कुल 48 मंदिर, कुंड और धार्मिक स्थलों को शामिल किया गया है। इनमें केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के अलावा केदारनाथ धाम, श्री तुंगनाथ मंदिर, बदरीनाथ में श्री माता मूर्ति मंदिर, बदरीनाथ में ब्रह्म कपाल शिला और परिक्रमा परिसर, श्री भविष्य बदरी मंदिर, बदरीनाथ में तप्त कुंड, जोशीमठ में श्री नरसिंह मंदिर, उर्गम में श्री ध्यान बदरी मंदिर, मध्यमहेश्वर में श्री मध्यमहेश्वर मंदिर, गुप्तकाशी में श्री विश्वनाथ जी मंदिर, पांडुकेश्वर में श्री योग बदरी मंदिर, गौरीकुंड में श्री गौरी मैया मंदिर, बदरीनाथ में श्री आदि केदारेश्वर मंदिर, ज्योतेश्वर में महादेव मंदिर, अनिमठ में श्री वृद्ध बदरी मंदिर, बदरीनाथ पुरी के भीतर पंच शिलाएं, बदरीनाथ पुरी के भीतर पंच धाराएं, श्री केदारनाथ मंदिर परिसर के भीतर छोटे मंदिर, गुप्तकाशी में श्री विश्वनाथ जी मंदिर परिसर के छोटे मंदिर, उखीमठ में श्री ओंकारेश्वर मंदिर, त्रियुगीनारायण में श्री त्रियुगीनारायण मंदिर, कालीशिला में श्री कालीशिला मंदिर, वसुंधारा झरने के नीचे धर्मशिला, केदारनाथ में उदक कुंड, उखीमठ में श्री उषा देवी मंदिर, उखीमठ में श्री बाराही देवी मंदिर, बदरीनाथ में श्री बल्लभाचार्य मंदिर, विष्णुप्रयाग में श्री नारायण मंदिर, श्री सीता देवी मंदिर, पाखी में श्री नरसिंह मंदिर और श्री नरसिंह मंदिर शामिल हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments