जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में 19 जुलाई 2026 को हुई भारी बारिश और फ्लैश फ्लड के बीच भारतीय सेना ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर 11 नागरिकों की जान बचाई। व्हाइट नाइट कोर के जवानों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) और सिविल प्रशासन के साथ मिलकर दो अलग-अलग स्थानों पर सफल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए। बचाए गए लोगों में पांच बच्चे भी शामिल हैं।
बाढ़ में फंसे परिवार को सुरक्षित निकाला
सेना को सूचना मिली थी कि थानामंडी के दक्षिण में चुरुंग गांव के निकट बाढ़ से उफनते नाले के दूसरी ओर नौ लोग फंसे हुए हैं। इनमें पांच बच्चे भी शामिल थे। तेज बहाव और खराब मौसम के बावजूद सेना की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अधिकारियों के अनुसार, अभियान चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चलाया गया, लेकिन जवानों ने समन्वित तरीके से सभी नागरिकों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
तावी नदी में फंसे दो युवकों को बचाया
इसी दौरान दूसरा रेस्क्यू ऑपरेशन नौशेरा क्षेत्र के धंगरी इलाके में चलाया गया। यहां तावी नदी के बीच बने एक द्वीप पर 17 से 20 वर्ष आयु के दो युवक फंस गए थे। भारतीय सेना की इंजीनियर रेजिमेंट ने तेज बहाव के बीच अभियान चलाकर दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद दोनों युवकों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। इस अभियान के दौरान सिविल प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
सेना और SDRF के तालमेल से सफल रहा अभियान
दोनों राहत अभियानों में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, SDRF और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर काम किया। एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के कारण सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया और अभियान बिना किसी जनहानि के पूरा हुआ। राजौरी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण दारहाली, खंडाली समेत कई नदियां और नाले उफान पर हैं। कई क्षेत्रों में जलभराव, सड़कें बंद होने और पुलों के प्रभावित होने की खबरें हैं। वहीं, पूंछ जिले में भी बारिश और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
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