Tuesday, February 10, 2026
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Bihar : गोपालगंज में पहुंचा विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग, इस दिन भव्य पूजा के साथ होगा स्थापित…

तमिलनाडु के महाबलीपुरम से तैयार होकर विश्व का सबसे विशाल शिवलिंग अब बिहार के गोपालगंज पहुंच चुका है। करीब 33 फीट लंबा और लगभग 210 मीट्रिक टन वजनी यह भव्य शिवलिंग 17 जनवरी को पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया प्रखंड स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर में पूरे वैदिक विधि-विधान के साथ स्थापित किया जाएगा।

21 नवंबर को महाबलीपुरम से अपनी यात्रा पर निकला यह शिवलिंग लगभग 45 दिनों में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से होते हुए बिहार पहुंचा है। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, पूजा-अर्चना और आरती के साथ शिवलिंग का भव्य स्वागत किया। जहां-जहां शिवलिंग को लेकर वाहन रुका, वहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

5 जनवरी को बलथरी के लिए रवाना होगा शिवलिंग

गोपालगंज में एक दिन विश्राम के बाद 5 जनवरी को शिवलिंग बलथरी के लिए रवाना होगा। बलथरी में सुबह 11 बजे भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए विशेष रूप से आकर्षक प्रवेश द्वार का निर्माण किया गया है। यहां पूजा, आरती और बैंड-बाजे के साथ स्वागत होगा। इसके बाद गोपालगंज के चैनपट्टी क्षेत्र में भी श्रद्धालु शिवलिंग का दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगे।

17 जनवरी को होगी शिवलिंग की स्थापना

मंदिर के एसीईओ बीके मिश्रा और अधीक्षक सुधाकरन के अनुसार, गोपालगंज से शिवलिंग खजुरिया और हुसैनी होते हुए केसरिया पहुंचेगा। 17 जनवरी को विराट रामायण मंदिर परिसर में पीठ पूजा, हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शिवलिंग की स्थापना की जाएगी, जिसके बाद प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी।

कहां से आया विशाल शिवलिंग ?

यह विशाल शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम स्थित पट्टीकाडु गांव में एक ही ब्लैक ग्रेनाइट मोनोलिथ पत्थर से निर्मित किया गया है। इसे तराशने में शिल्पकारों को लगभग 10 वर्षों का समय लगा। शिवलिंग पर 1008 सहस्त्रलिंगम की अद्भुत नक्काशी भी की गई है। इसे बिहार तक लाने के लिए 96 पहियों वाले विशेष रूप से डिजाइन किए गए ट्रक का उपयोग किया गया।

विराट रामायण मंदिर का निर्माण महावीर मंदिर न्यास समिति द्वारा कराया जा रहा है। मंदिर परिसर में प्रवेश द्वार, गणेश स्थल, सिंह द्वार, नंदी स्थल, शिवलिंग स्थल और गर्भगृह की पाइलिंग का कार्य पूरा हो चुका है। यह भव्य मंदिर 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा, जिसमें कुल 18 शिखर और 22 उप-मंदिर बनाए जाएंगे। मुख्य शिखर की ऊंचाई लगभग 270 फीट होगी।

मंदिर अधीक्षक ने क्या बताया ?

मंदिर अधीक्षक ने बताया कि 20 जून 2023 को शिलान्यास के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ था। यह मंदिर केसरिया और चकिया के बीच जानकीनगर में बन रहा है, जो पटना से लगभग 120 किलोमीटर दूर स्थित है। परिसर में चार आश्रमों का निर्माण भी प्रस्तावित है।

विराट रामायण मंदिर पद्मश्री से सम्मानित आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके पूर्ण होने के बाद यह विश्व का सबसे बड़ा मंदिर होगा, जो न केवल बिहार बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव और आस्था का प्रतीक बनेगा।

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