Twisha Sharma Case: भोपाल के जाने-माने केस ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच अपने हाथ में लेने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के पहले ही दिन सीबीआई की टीम ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह के घर पहुंची, जिसे इस मामले का मुख्य क्राइम सीन माना जा रहा है। वहां करीब 30 मिनट तक निरीक्षण और छानबीन करने के बाद अब जांच एजेंसी ट्विशा के परिवार से भी मुलाकात कर रही है। मामले में पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है।
तीन गाड़ियों में पहुंची थी CBI टीम
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई की टीम तीन गाड़ियों में मौके पर पहुंची थी। अधिकारियों ने घर के अलग-अलग हिस्सों का बारीकी से निरीक्षण किया और घटनास्थल से जुड़े सबूत जुटाने की कोशिश की। जांच टीम में दो महिला अधिकारी भी शामिल थीं। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से भी जानकारी ली, हालांकि जांच के बाद बाहर निकलते समय किसी भी अधिकारी ने मीडिया से बातचीत नहीं की।
गिरिबाला सिंह से भी होगी पूछताछ
सीबीआई अब गिरिबाला सिंह से पूछताछ की तैयारी में है, ताकि ट्विशा की मौत से पहले और बाद की परिस्थितियों को समझा जा सके। जांच एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना वाली रात घर के भीतर क्या हुआ था और किन वजहों से हालात इतने गंभीर हुए। स्थानीय पुलिस की टीम भी इस दौरान मौके पर मौजूद रही।
पति-सास को बनाया गया आरोपी
सीबीआई ने सोमवार को राज्य पुलिस द्वारा पहले दर्ज एफआईआर को दोबारा दर्ज किया। इसमें ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है। एजेंसी ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ दहेज निषेध अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी हैं। अब सीबीआई शुरुआती सबूतों और बयानों के आधार पर पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
फोन कॉल बना जांच का हिस्सा
एफआईआर के मुताबिक घटना की रात ट्विशा ने रात 9 बजकर 41 मिनट पर अपनी मां से फोन पर बात की थी। बातचीत के दौरान फोन के पीछे से उनके पति समर्थ सिंह के चिल्लाने की आवाज सुनाई दे रही थी। कुछ देर बाद कॉल अचानक कट गया। परिवार ने जब दोबारा फोन किया तो सास गिरिबाला सिंह ने फोन उठाकर कहा कि ट्विशा अब इस दुनिया में नहीं रही और फिर कॉल काट दिया। अब सीबीआई इसी आखिरी बातचीत और उसके बाद की घटनाओं की कड़ी जोड़ रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
मामले में सबसे बड़ा सवाल ट्विशा के शरीर पर मिले चोटों के निशानों को लेकर उठ रहा है। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फंदे से लटकना बताई गई है, लेकिन शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान भी मिले हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये चोटें किसी भारी या भोथरी वस्तु के दबाव से लगी हो सकती हैं और ये मौत से पहले की हैं। अब सीबीआई यह पता लगाने में जुटी है कि ये जख्म कैसे और किन परिस्थितियों में लगे।
दहेज प्रताड़ना के आरोप
ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया है कि 9 दिसंबर 2025 को शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज से संतुष्ट नहीं थे। परिवार के मुताबिक 33 वर्षीय ट्विशा को लगातार मानसिक प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ रहा था। आरोप यह भी है कि पैसों के लेन-देन को लेकर घर में विवाद चल रहा था, जिससे ट्विशा परेशान थीं।
जांच प्रभावित करने के आरोप
मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रही थीं। एफआईआर दर्ज होने के बाद से वह कई टीवी चैनलों को इंटरव्यू दे चुकी हैं, जिसमें उन्होंने ट्विशा की मानसिक स्थिति और इलाज को लेकर सवाल उठाए। पीड़ित परिवार ने इसे जांच भटकाने की कोशिश बताया है।
FIR में देरी पर नजर
घटना वाले दिन समर्थ सिंह रात 10 बजकर 20 मिनट पर ट्विशा को एम्स भोपाल लेकर पहुंचे थे। एम्स के डॉक्टरों ने 13 मई की रात 12 बजकर 5 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद भोपाल पुलिस ने दो दिन बाद 15 मई को एफआईआर दर्ज की। अब सीबीआई इस पूरी प्रक्रिया और देरी के कारणों की भी जांच कर रही है।
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