दिल्ली और गुरुग्राम के बीच सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए जल्द ही अच्छी खबर आ सकती है। लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या से परेशान वाहन चालकों को राहत देने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने द्वारका एक्सप्रेसवे(Dwarka Expressway) पर व्यापक सुधार योजना तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। प्राधिकरण इस मार्ग की तकनीकी और संरचनात्मक खामियों का अध्ययन करने के लिए एक विशेषज्ञ सलाहकार नियुक्त करने जा रहा है जो जाम के कारणों का विश्लेषण कर समाधान सुझाएगा।
द्वारका एक्सप्रेसवे दिल्ली के कई महत्वपूर्ण इलाकों जैसे द्वारका, पालम, उत्तम नगर और नजफगढ़ को गुरुग्राम से जोड़ता है। हर दिन बड़ी संख्या में लोग नौकरी, कारोबार और अन्य कार्यों के लिए इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, पीक ऑवर्स के दौरान यहां लगने वाला भारी ट्रैफिक लोगों की परेशानी बढ़ा देता है। कई यात्रियों का कहना है कि उन्हें रोजाना 40 से 50 मिनट अतिरिक्त समय सड़क पर बिताना पड़ता है। इससे न केवल उनकी दिनचर्या प्रभावित होती है, बल्कि मानसिक तनाव और थकान भी बढ़ती है।
बढ़ रहा है ईंधन का खर्च
ट्रैफिक जाम का असर केवल समय तक सीमित नहीं है। घंटों तक वाहनों के रेंगने से ईंधन की खपत भी काफी बढ़ जाती है। अनुमान है कि रोजाना जाम में फंसने वाले वाहन चालकों को अतिरिक्त 100 से 120 रुपये तक का ईंधन खर्च उठाना पड़ता है। इस हिसाब से हर महीने लगभग 2500 से 3000 रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ लोगों पर पड़ रहा है। यदि जाम की समस्या कम होती है तो यात्रियों को समय बचाने के साथ-साथ ईंधन खर्च में भी बड़ी राहत मिल सकती है।
डिजाइन संबंधी खामियां बनीं बड़ी वजह
विशेषज्ञों और स्थानीय वाहन चालकों का मानना है कि एक्सप्रेसवे पर जाम की सबसे बड़ी वजह सड़क का मौजूदा डिजाइन है। खासतौर पर वह हिस्सा जहां गुरुग्राम की ओर जाने वाली सुरंग (टनल) समाप्त होती है और ट्रैफिक मुख्य मार्ग से जुड़ता है।
इस स्थान पर टनल से निकलने वाले वाहन और धौला कुआं से रजोकरी की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (NH-48) का ट्रैफिक एक साथ मिल जाता है। दोनों दिशाओं से आने वाले वाहनों का दबाव बढ़ने से मर्जिंग पॉइंट पर ट्रैफिक की गति धीमी हो जाती है और धीरे-धीरे लंबा जाम लग जाता है। व्यस्त समय में यह जाम कई किलोमीटर तक फैल जाता है।
केंद्रीय मंत्री ने किया मौके का निरीक्षण
समस्या की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने स्वयं इस मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ पीक ऑवर्स में स्थिति का जायजा लिया और जाम की वास्तविक स्थिति को समझा।
निरीक्षण के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जल्द समाधान खोजने के निर्देश दिए। उनके अनुसार, विशेषज्ञ सलाहकार की नियुक्ति के बाद तकनीकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर आवश्यक ढांचागत बदलाव किए जाएंगे।