पहलगाम में पर्यटकों पर हुए दर्दनाक हमले की पहली बरसी पर बुधवार को ‘पहलगाम… जब समय थम गया’ नामक पुस्तक पाठकों के सामने आई। इस पुस्तक को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में संयुक्त निदेशक के एस चौहान ने लिखा है। खास बात यह है कि घटना के दिन वे अपने परिवार के साथ पहलगाम में मौजूद थे और उसी अनुभव को उन्होंने शब्दों में ढाला है।
बुधवार को चौहान ने पुष्कर सिंह धामी(CM Dhami) से मुलाकात कर उन्हें अपनी पुस्तक की प्रति भेंट की। लेखक के अनुसार, इसमें 22 अप्रैल 2025 को हुए हमले के दिन का पूरा घटनाक्रम, माहौल और उससे जुड़ी परिस्थितियों का विस्तार से वर्णन किया गया है। साथ ही, पुस्तक के अंतिम हिस्से में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी उल्लेख किया गया है।
CM धामी ने दी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि एक साल पहले हुआ यह आतंकी हमला पूरे देश को झकझोर देने वाला था। उन्होंने हमले में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इसके बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश दिया जो एक महत्वपूर्ण कार्रवाई थी।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को हुए इस हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इनमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय टट्टू चालक शामिल था, जिसने पर्यटकों को बचाने की कोशिश की थी। इस हमले की जिम्मेदारी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ नामक संगठन ने ली थी जिसे लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा माना जाता है।
चलाया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’
हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने 6 और 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके बाद जुलाई 2025 में सुरक्षा बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत इस हमले में शामिल आतंकवादियों को मार गिराया।