उत्तर प्रदेश में लंबे समय से चल रही कार्यवाहक DGP व्यवस्था पर विराम लग गया है। राज्य सरकार ने वरिष्ठ IPS अधिकारी राजीव कृष्ण को प्रदेश का नया पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया है। मई 2022 के बाद यह पहला अवसर है, जब UP पुलिस का नेतृत्व किसी स्थायी DGP को सौंपा गया है।
चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद फैसला
सरकार ने DGP नियुक्ति के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के निर्धारित नियमों के तहत प्रक्रिया पूरी की थी। इसके तहत वरिष्ठ IPS अधिकारियों का एक पैनल तैयार कर अंतिम चयन किया गया। चुने गए अधिकारियों की सूची में रेणुका मिश्रा, पियूष आनंद और राजीव कृष्ण के नाम शामिल थे। विचार-विमर्श के बाद राजीव कृष्ण को इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया गया।
कार्यवाहक से बने स्थायी DGP
राजीव कृष्ण पहले से कार्यवाहक DGP के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे। अब उन्हें आधिकारिक तौर पर पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक नियुक्त कर दिया गया है। उनकी नियुक्ति के साथ ही राज्य पुलिस बल को स्थायी नेतृत्व मिल गया है, जिसकी लंबे समय से प्रतीक्षा की जा रही थी। उत्तर प्रदेश में मई 2022 में तत्कालीन DGP मुकुल गोयल के पद से हटने के बाद से पुलिस विभाग की कमान कार्यवाहक अधिकारियों के हाथों में रही। इस दौरान D.S. चौहान, R.K. विश्वकर्मा, विजय कुमार, प्रशांत कुमार और बाद में राजीव कृष्ण ने कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
कौन हैं IPS अधिकारी राजीव कृष्ण?
कार्यवाहक DGP प्रशांत कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद राजीव कृष्ण को मई 2025 में प्रदेश पुलिस की कमान सौंपी गई थी। तब से वे कार्यवाहक प्रमुख के रूप में कार्य कर रहे थे। अब स्थायी नियुक्ति मिलने के बाद उनके नेतृत्व में कानून-व्यवस्था, अपराध कंट्रोल करना और पुलिस आधुनिकीकरण से जुड़े कामों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। 1991 बैच के IPS अधिकारी राजीव कृष्ण को पुलिस प्रशासन और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में काफी सालों का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं और विभिन्न संवेदनशील पदों पर काम किया है।
Read More

