Muzaffarpur Hospital Fire: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्थित निजी प्रसाद हॉस्पिटल में गुरुवार तड़के भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू में अचानक आग भड़क उठी, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी बताई जा रही है। हादसे में कई मरीजों की मौत हुई है, जबकि 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित कर इलाज कराया जा रहा है।
कितने लोगों की गई जान?
घटना के बाद सामने आई जानकारियों में मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं। शुरुआती रिपोर्टों में 10 लोगों की मौत की बात कही गई, जबकि जिला प्रशासन ने अब तक चार मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है। प्रशासन का कहना है कि मृतकों और घायलों की पहचान की जांच जारी है।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
इस भीषण अग्निकांड पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि जल्द उपलब्ध कराई जाए।
घायलों के इलाज के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और घायलों के सही उपचार की व्यवस्था की गई है। स्थानीय स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रभावित लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने मांगी रिपोर्ट
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने भी घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। साथ ही राहत और बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
हादसे में कितना हुआ नुकसान?
प्रशासन, पुलिस और अस्पताल प्रबंधन की संयुक्त टीमें आईसीयू में हुए नुकसान का आकलन कर रही हैं। मृतकों और गंभीर रूप से घायल मरीजों की पहचान सुनिश्चित करने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी प्रभावित परिवारों को जरुरी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
अस्पताल की लापरवाही की होगी जांच
मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार ने कहा है कि यदि जांच में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनके मरीज वार्ड से लापता हैं। प्रशासन इन शिकायतों की भी जांच कर रहा है। जिलाधिकारी के अनुसार हादसे के समय अस्पताल में लगभग 13 से 15 मरीज भर्ती थे।
स्टाफ पर मरीजों को छोड़कर भागने का आरोप
हादसे के बाद कई परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आग लगने के बाद डॉक्टर और कर्मचारी मरीजों को छोड़कर मौके से चले गए। दमकल विभाग के एक अधिकारी ने भी दावा किया कि जब उनकी टीम घटनास्थल पर पहुंची तो अस्पताल का अधिकांश स्टाफ वहां मौजूद नहीं था। इन आरोपों की जांच भी प्रशासनिक स्तर पर की जा रही है राहत और बचाव अभियान जारी
आग पर पाया गया काबू
दमकल कर्मियों और प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। राहत और बचाव अभियान के दौरान मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया गया। फिलहाल प्रशासन घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रहा है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
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