Myanmar President Min Aung Hlaing India Visit: म्यांमार के राष्ट्रपति जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने शनिवार को बिहार के बोधगया स्थित विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना कर विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पूरे बोधगया क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और शहर को हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया।
गया एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत
शनिवार सुबह करीब नौ बजे राष्ट्रपति विशेष विमान से गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। बिहार के राज्यपाल और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। उनके साथ म्यांमार सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा। एयरपोर्ट से बोधगया तक राष्ट्रपति का काफिला कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सड़क मार्ग से रवाना हुआ।
महाबोधि मंदिर में किया दर्शन-पूजन
बोधगया पहुंचने के बाद राष्ट्रपति जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने महाबोधि मंदिर में दर्शन किए और बौद्ध परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर परिसर में कुछ समय बिताकर शांति और मानव कल्याण के लिए प्रार्थना की। उनके दौरे को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू रही।
#WATCH | Bihar: Myanmar President U Min Aung Hlaing arrives at Mahabodhi Temple in Bodhgaya. pic.twitter.com/VdU5F6i7cV
— ANI (@ANI) May 30, 2026
सुरक्षा एजेंसियां रहीं पूरी तरह अलर्ट
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। महाबोधि मंदिर से लेकर गया एयरपोर्ट तक सुरक्षा के बहुस्तरीय इंतजाम किए गए थे। जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर और वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार स्वयं पूरे कार्यक्रम की निगरानी करते रहे। पुलिस बल, विशेष सुरक्षा इकाइयों और खुफिया एजेंसियों की टीमें विभिन्न स्थानों पर तैनात रहीं।
बर्मीज मठ और सुजाता मंदिर में भी किए दर्शन
महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद राष्ट्रपति ने सुजाता बाईपास रोड स्थित बर्मीज बौद्ध मठ का दौरा किया। इसके बाद उन्होंने बकरौर स्थित ऐतिहासिक सुजाता मंदिर पहुंचकर भी पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनके साथ मौजूद प्रतिनिधिमंडल ने भी धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
धार्मिक और कूटनीतिक दृष्टि से अहम रहा दौरा
म्यांमार के राष्ट्रपति का यह दौरा बौद्ध धर्म से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों के महत्व को दर्शाने के साथ-साथ भारत और म्यांमार के सांस्कृतिक एवं धार्मिक संबंधों को भी मजबूत करने वाला माना जा रहा है। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती।
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