भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक बहुत मज़बूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो गया है। इसके परिणामस्वरूप अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के बड़े हिस्सों में मौसम खराब रहने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों ने 11 जून से 13 जून के समय को सबसे अहम दौर माना है। इस दौरान दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में तेज़ तूफ़ान और तेज़ हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि की भी बहुत अधिक संभावना है।
मौसम संबंधी चेतावनी
मुख्य बिंदु
(i) पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में, 13 जून तक उत्तर-पश्चिम भारत में वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है, तथा 11 और 12 जून, 2026 को गरज-चमक के साथ तेज़ हवाएँ (50-60 किमी/घंटा) चलने और ओलावृष्टि होने की संभावना है।
(ii) अगले 5-7 दिनों के दौरान… pic.twitter.com/o6tUkllkMM— India Meteorological Department (@Indiametdept) June 10, 2026
उत्तर भारत में मौसम के अचानक खराब होने का असल कारण क्या है?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में मौसम में इस बदलाव का मुख्य कारण एक मज़बूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस है, जो अभी पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय है। मिड-ट्रोपोस्फेरिक लेवल पर, यह सिस्टम 32 डिग्री उत्तरी अक्षांश के पास एक ट्रफ़ के रूप में मौजूद है। यह लगातार मैदानी और पहाड़ी दोनों इलाकों में नमी पहुंचा रहा है, जिससे वायुमंडल में काफी अस्थिरता पैदा हो रही है।
इस सिस्टम को अन्य मौसमी कारकों से और बल मिल रहा है। उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तर-पश्चिम बिहार के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बने हैं। साथ ही, पंजाब से गंगा के मैदानी इलाकों से होते हुए पश्चिम बंगाल तक एक बड़ी ट्रफ़ लाइन फैली हुई है।
इन कारकों के मेल ने इसे जून की सबसे अहम प्री-मानसून मौसमी घटना बना दिया है, जिसका असर पूरे उत्तर भारत पर पड़ेगा। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में इस सिस्टम के और तेज़ होने की उम्मीद है।
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