मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक समझौते का मसौदा सामने आया है। इस प्रस्तावित डील में आर्थिक प्रतिबंधों में राहत, ईरान की परमाणु गतिविधियों पर नियंत्रण और वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने जैसे कई बड़े फैसले शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक समझौते की 14 प्रमुख शर्तों पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ रही है।
डील के तहत ईरान के तेल, पेट्रोकेमिकल और ऊर्जा क्षेत्र पर लगाए गए कई प्रतिबंधों में राहत दी जा सकती है। इसके अलावा करीब 24 अरब डॉलर की ईरानी संपत्तियों को चरणबद्ध तरीके से जारी करने का प्रस्ताव भी शामिल है। अमेरिकी और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को भी तय समयसीमा के अनुसार हटाने पर चर्चा हो रही है।
समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना है। यह मार्ग दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रस्ताव के अनुसार ईरान सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए इस मार्ग को खोल देगा, जबकि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक रोक को हटाएगा।
परमाणु मुद्दे पर ईरान ने परमाणु हथियार विकसित न करने और अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित रखने का आश्वासन दिया है। साथ ही अंतिम समझौते तक 60 दिनों की वार्ता अवधि तय की गई है, जिसमें परमाणु गतिविधियों और प्रतिबंधों से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान खोजा जाएगा।
इस डील में ईरान के पुनर्निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय निवेश, क्षेत्रीय स्थिरता और सैन्य तनाव कम करने जैसे बिंदु भी शामिल हैं। यदि यह समझौता पूरी तरह लागू होता है तो न केवल अमेरिका और ईरान के रिश्तों में सुधार आएगा, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और मध्य पूर्व की भू-राजनीति पर भी इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
यूएस-ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते की 14 शर्तें
1. ईरान के तेल, पेट्रोकेमिकल्स और उनसे जुड़े एक्सपोर्ट पर लगी पाबंदियां हटा ली जाएंगी।
2. ईरान को अपने वित्तीय संसाधनों का पूरा एक्सेस फिर से मिल जाएगा।
3. 60 दिनों की बातचीत के दौरान ईरान के फ्रीज किए गए 24 अरब डॉलर जारी कर दिए जाएंगे. इसमें से 12 अरब डॉलर तो बातचीत शुरू होने से पहले ही जारी कर दिए जाएगा।
4. अमेरिका और उसके सहयोगियों को ईरान के पुनर्निर्माण के लिए करीब 300 अरब डॉलर की योजनाएं पेश करनी होंगी।
5. लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध तुरंत और हमेशा के लिए बंद हो जाएगा।
6. अमेरिका ईरान के मामलों में दखल न देने और ईरान की संप्रभुता का सम्मान करने का वादा करेगा।
7. अमेरिका द्वारा लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी 30 दिनों के अंदर पूरी तरह से हटा ली जाएगी।
8. अमेरिकी सेनाएं ईरान के आसपास के इलाकों से हट जाएंगी।
9. होर्मुज स्ट्रेट को ईरान की व्यवस्था के तहत 30 दिनों के अंदर फिर से खोल दिया जाएगा।
10. परमाणु मुद्दों और पाबंदियों को पूरी तरह हटाने पर आखिरी समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों की बातचीत की अवधि शुरू होगी।
11. ईरान परमाणु हथियार न बनाने के अपने NPT (परमाणु अप्रसार संधि) के वादे को फिर से दोहराएगा।
12. अमेरिका बातचीत के दौरान इस क्षेत्र में सेना न बढ़ाने या नई पाबंदियां न लगाने पर सहमत होगा।
13. एक निगरानी तंत्र इसके कार्यान्वयन पर नज़र रखेगा, और किसी भी अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव से मंज़ूरी दी जाएगी।
14. ईरान का मिसाइल प्रोग्राम और रेजिस्टेंस ग्रुप्स (प्रतिरोध समूहों) को समर्थन इस समझौते का हिस्सा नहीं हैं।

