पंजाब में हुए दो लो-इंटेंसिटी ब्लास्ट के बाद राज्य की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पूरे इलाके को सैनिटाइज कर दिया गया है और फोरेंसिक टीम मौके से सबूत जुटाने में लगी हुई है। जानकारी के अनुसार यह ब्लास्ट जालंधर और अमृतसर में किए गए हैं। फिलहाल किसी संगठन ने इस धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन शुरुआती जांच में इसे माहौल खराब करने की साजिश माना जा रहा है।
IED होने की आशंका
DGP गौरव यादव ने बताया कि घटनास्थल से कुछ नुकीली चीजें बरामद हुई हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि विस्फोट में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) का इस्तेमाल हुआ हो सकता है। हालांकि मौके से कोई तार नहीं मिला है, इसलिए तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि किस तरह के डिवाइस का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक विशेषज्ञ और जांच एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं और हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ पर साजिश की आशंका
डीजीपी ने कहा कि शुरुआती तौर पर यह आशंका है कि “ऑपरेशन सिंदूर” की वर्षगांठ के मौके पर पंजाब का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई है। उन्होंने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की भूमिका से भी इनकार नहीं किया, हालांकि कहा कि इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब बॉर्डर स्टेट है और इसे अस्थिर करने की लगातार कोशिशें होती रहती हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी प्रॉक्सी वॉर को सफल नहीं होने देंगी।
युवाओं से गौरव यादव ने किया अपील
गौरव यादव ने कहा कि कुछ लोग पैसों के लालच में आकर ISI जैसे नेटवर्क के जाल में फंस जाते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ऐसे तत्वों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ ताकतें पंजाब को अस्थिर राज्य के रूप में दिखाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ऐसी हर साजिश को नाकाम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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