Renowned Shooter Jaspal Rana Passes Away: भारत के दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्हें दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से भारतीय खेल जगत में गहरा शोक फैल गया है। NRAI (नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया) के अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने उनके निधन की पुष्टि की है।
Deeply saddened by the untimely passing of Jaspal Rana.
A champion, mentor and icon of Indian shooting, Jaspal inspired generations. His contribution to Indian shooting is immeasurable, and his legacy will continue to guide and inspire future champions.
Rest in peace, Jaspal. pic.twitter.com/xBxrHL36mL
— Office of Kalikesh Singh Deo (@DeoKalikesh) June 12, 2026
यात्रा के दौरान बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, 1 जून की रात म्यूनिख से लौटते समय फ्लाइट में उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई थी। इसके बाद उन्हें तुरंत मेडिकल सहायता दी गई। भारत लौटने पर उन्हें दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच के बाद उनके शरीर में स्टेंट डाला गया था, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका।
कॉमनवेल्थ में शानदार करियर
जसपाल राणा भारतीय शूटिंग के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में 9 गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया था। उनका करियर उपलब्धियों से भरा रहा और वे लंबे समय तक भारतीय शूटिंग का अहम चेहरा बने रहे।
कोच के रूप में नई पहचान
खिलाड़ी के बाद उन्होंने कोच और हाई परफॉर्मेंस ट्रेनर के रूप में भी बड़ी भूमिका निभाई। वे ओलिंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर के कोच रहे और उन्हें पेरिस ओलिंपिक में दो मेडल जिताने में अहम भूमिका निभाई। फरवरी 2025 से वे भारत के 25 मीटर पिस्टल इवेंट के हाई परफॉर्मेंस कोच भी थे।
2020 में द्रोणाचार्य पुरस्कार मिला
खेल में उनके योगदान को देखते हुए, NRAI ने उन्हें फरवरी 2025 में 25 मीटर पिस्टल इवेंट के लिए हाई-परफॉर्मेंस कोच नियुक्त किया। वे लगातार नेशनल शूटिंग प्रोग्राम से जुड़े रहे और देश के बेहतरीन पिस्टल शूटर्स के साथ काम किया। कोचिंग और एथलीट डेवलपमेंट में उनके योगदान के लिए, जसपाल राणा को 2020 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया जो भारतीय खेलों में सबसे बड़ा सम्मान है।
खेल जगत में शोक की लहर
उनके निधन की खबर से भारतीय शूटिंग समुदाय, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है। उन्हें एक बेहतरीन खिलाड़ी और अनुशासित कोच के रूप में हमेशा याद किया जाएगा।
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