HomeBreaking Newsयुवाओं के भविष्य को मिलेगी नई उड़ान, फरीदकोट में निशुल्क स्किल सेंटर...

युवाओं के भविष्य को मिलेगी नई उड़ान, फरीदकोट में निशुल्क स्किल सेंटर का हुआ उद्घाटन

फरीदकोट(Faridkot) में युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नए प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत की गई है। सोमवार को स्थानीय रेड क्रॉस भवन में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने “स्किल डेवलपमेंट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” का विधिवत उद्घाटन किया। यह केंद्र सन फाउंडेशन द्वारा स्थापित किया गया है जिसे सांसद डॉ. विक्रमजीत साहनी के एक करोड़ रुपये के सहयोग से विकसित किया गया है। इस केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी भी सन फाउंडेशन को सौंपी गई है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, युवा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

उद्घाटन के अवसर पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि यह स्किल डेवलपमेंट सेंटर क्षेत्र के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है। उनके अनुसार, यहां युवाओं को विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल पारंपरिक शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है बल्कि रोजगार पाने के लिए व्यावहारिक कौशल का होना बेहद जरूरी है। ऐसे में यह केंद्र युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

बेरोजगारी और नशे के खिलाफ पहल

राज्यपाल ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण केंद्र न केवल बेरोजगारी की समस्या को कम करने में मदद करेंगे, बल्कि युवाओं को गलत दिशा और नशे जैसी सामाजिक समस्याओं से दूर रखने में भी सहायक होंगे।

उन्होंने जोर देकर कहा कि कौशल आधारित शिक्षा के माध्यम से युवा स्वयं का रोजगार शुरू कर सकते हैं और समाज में सकारात्मक योगदान दे सकते हैं। इस तरह की पहलें आने वाले समय में क्षेत्र के विकास को नई दिशा देंगी।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि इस केंद्र में कई प्रकार के कौशल आधारित कोर्स संचालित किए जाएंगे जिनका उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवा स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगे। इस अवसर पर सांसद डॉ. विक्रमजीत साहनी ने इस उद्घाटन को अपने जीवन का भावुक और महत्वपूर्ण क्षण बताया।

उन्होंने कहा कि फरीदकोट उनके लिए केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं बल्कि उनकी जड़ों और पहचान से जुड़ा हुआ क्षेत्र है। उन्होंने साझा किया कि इसी भूमि ने उनके व्यक्तित्व और मूल्यों को आकार दिया है। अपने जन्मस्थान पर लौटकर युवाओं के लिए कुछ उपयोगी और रचनात्मक कार्य करना उनके लिए गर्व की बात है।

यह भी पढ़ें : अब और तेज होगी भारतीय रेल यात्रा, 220 KMPH की सुपरफास्ट स्पीड वाली ट्रेनों में…

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments