दिल्ली से देहरादून की यात्रा अब पहले के मुकाबले कहीं अधिक आसान और तेज होने जा रही है। नए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे(Delhi-Dehradun Expressway) के शुरू होने के बाद यह दूरी करीब 2 घंटे में पूरी की जा सकेगी। हालांकि इसका असर केवल सफर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रियल एस्टेट बाजार पर भी इसका बड़ा प्रभाव देखने को मिल सकता है।
करीब 213 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी में जबरदस्त सुधार होगा। इसके साथ ही रास्ते में पड़ने वाले शहरों और कस्बों में रहने और निवेश करने की रुचि तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते इन इलाकों में प्रॉपर्टी की मांग बढ़ेगी, जिससे कीमतों में उछाल आ सकता है।
आने वाले समय में कीमतों में होगी बढ़ोतरी
रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सप्रेसवे के आसपास आने वाले समय में प्रॉपर्टी की कीमतों में 15% से 30% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। खासतौर पर दिल्ली-एनसीआर, गाजियाबाद, बागपत, बरौत, सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर जैसे इलाके निवेश के लिए तेजी से उभरते हुए नजर आ रहे हैं। इनमें से बागपत जैसे क्षेत्रों में अभी जमीन की कीमत अपेक्षाकृत कम है, जिससे भविष्य में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना जताई जा रही है।
इस एक्सप्रेसवे(Delhi-Dehradun Expressway) के निर्माण से छोटे शहरों के लिए भी नए अवसर खुल सकते हैं। सहारनपुर जैसे शहर अब तेजी से विकास की दिशा में बढ़ रहे हैं, जहां लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउस और कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग बढ़ने के आसार हैं। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार करना आसान होगा और इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
प्रॉपर्टी की तेज दिखी मांग
वहीं, देहरादून और उसके आसपास के इलाकों में भी प्रॉपर्टी की मांग में तेजी देखी जा रही है। लोग यहां हॉलिडे होम और विला खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सेकंड होम की मांग में करीब 43% तक इजाफा हुआ है।
कुल मिलाकर, यह एक्सप्रेसवे सिर्फ यात्रा को सुगम बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति देने में भी अहम भूमिका निभाएगा।