CM Mann and Arvind Kejriwal in Jalandhar: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आज जालंधर पहुंचेंगे। दोनों नेता पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ शहर में आयोजित एक बड़े धार्मिक समागम में हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और आयोजकों ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
साईं दास स्कूल ग्राउंड में होगा आयोजन
यह धार्मिक कार्यक्रम जालंधर के साईं दास स्कूल ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत शाम 6:30 बजे होगी। आयोजन आप नेता और पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सलाहकार दीपक बाली की ओर से कराया जा रहा है।
भगवान शिव को समर्पित रहेगा समागम
आयोजकों के अनुसार ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ विषय पर आयोजित इस विशेष धार्मिक समागम का उद्देश्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण से जोड़ना है। कार्यक्रम में भगवान शिव की महिमा का गुणगान किया जाएगा और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
हंसराज रघुवंशी देंगे भजनों की प्रस्तुति
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध भजन गायक हंसराज रघुवंशी होंगे। वह अपने लोकप्रिय शिव भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्तिमय माहौल का अनुभव कराएंगे। आयोजकों को उम्मीद है कि जालंधर सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल होंगे।
कई गणमान्य हस्तियां रहेंगी मौजूद
पंजाब के बागवानी, स्वतंत्रता सेनानी एवं रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत, मेयर विनीत धीर, पंजाब सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन चंदन ग्रेवाल, इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन रमणीक सिंह रंधावा और अन्य प्रमुख हस्तियां भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगी। आयोजकों का दावा है कि शहर में इस स्तर का धार्मिक आयोजन पहली बार हो रहा है।
श्रद्धालुओं के लिए किए गए विशेष इंतजाम
मंत्रियों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। पंजाब सरकार भी आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं में सहयोग कर रही है, ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके। मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल भी इस समागम में श्रद्धालु के रूप में शामिल होंगे।
भाईचारे और एकता का संदेश देगा आयोजन
सनातन सेवा समिति के प्रधान विजय शर्मा ने कहा कि यह धार्मिक समागम केवल आस्था का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने का भी माध्यम बनेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह आयोजन पंजाब की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
स्थानीय धार्मिक संस्थाओं की अहम भूमिका
हालांकि कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में पंजाब सरकार सहयोग कर रही है, लेकिन आयोजन की मुख्य जिम्मेदारी स्थानीय मंदिर कमेटियों, संत-महंतों, धार्मिक संस्थाओं और जालंधर के लोगों द्वारा निभाई जा रही है। आयोजकों का कहना है कि यह समागम जनसहभागिता और धार्मिक आस्था का बड़ा उदाहरण बनेगा।
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