President Droupadi Murmu Attends IMA Passing Out Parade: देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) की पासिंग आउट परेड (POP) शनिवार को कई मायनों में ऐतिहासिक रही। पहली बार अकादमी से प्रशिक्षित नौ महिला कैडेट्स सैन्य अधिकारी के रूप में भारतीय सेना का हिस्सा बनीं। अपने दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में आयोजित इस समारोह में कुल 515 जेंटलमैन कैडेट्स और महिला कैडेट्स ने प्रशिक्षण पूरा कर सैन्य जीवन की नई शुरुआत की। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।
राष्ट्रपति ने ली परेड की सलामी
IMA के ऐतिहासिक मैदान में सुबह आयोजित परेड की शुरुआत 6:40 बजे हुई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू निर्धारित कार्यक्रम के तहत चैटवुड भवन पहुंचीं और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सेना के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
481 भारतीय और 34 विदेशी कैडेट्स पासआउट
इस वर्ष पासिंग आउट परेड में कुल 515 कैडेट्स शामिल हुए। इनमें नौ महिला कैडेट्स सहित 481 भारतीय कैडेट्स थे। इसके अलावा 16 मित्र देशों के 34 कैडेट्स ने भी अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रशिक्षण के बाद ये कैडेट्स अपने-अपने देशों की सेनाओं में अधिकारी के रूप में सेवाएं देंगे।
अनुशासन और राष्ट्रसेवा का प्रदर्शन
परेड के दौरान कैडेट्स ने कदमताल करते हुए सैन्य अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। पूरे समारोह में उत्साह, गर्व और सम्मान का माहौल देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने कैडेट्स के प्रदर्शन की सराहना की।
पीपिंग सेरेमनी में सजे रैंक
पासिंग आउट परेड के बाद पीपिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस दौरान नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों के कंधों पर रैंक सजाए गए। यह क्षण कैडेट्स और उनके परिवारों के लिए बेहद भावुक और गौरवपूर्ण रहा।
एक साल में तीसरी बार दून पहुंचीं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को ही देहरादून पहुंच गई थीं। जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर उनका स्वागत राज्यपाल गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन और डीजीपी दीपम सेठ ने किया। इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रपति निकेतन पहुंचीं, जहां उन्होंने विभिन्न गणमान्य लोगों से मुलाकात की।
महिला राष्ट्रपति की मौजूदगी में दूसरी बार आयोजन
यह दूसरा अवसर रहा जब किसी महिला राष्ट्रपति ने आईएमए की पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल भी इस प्रतिष्ठित परेड की सलामी ले चुकी हैं। हालांकि पहली बार ऐसा हुआ है जब आईएमए से प्रशिक्षित महिला कैडेट्स सैन्य अधिकारी बनकर पासआउट हुईं।
सेना में बढ़ती महिला भागीदारी
आईएमए से नौ महिला कैडेट्स का सैन्य अधिकारी के रूप में पासआउट होना भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों की युवतियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
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